BoatCollision – धारी देवी मंदिर के पास टकराईं दो बोट, देखें वीडियो
BoatCollision – उत्तराखंड के पौड़ी जिले में स्थित धारी देवी मंदिर के समीप अलकनंदा नदी में दो मोटर बोट की टक्कर का एक वीडियो सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और दोनों बोट संचालक सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन टक्कर की तीव्रता ने संभावित खतरे की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

Uttrakhand- #रूद्रप्रयाग| अलकनंदा नदी में दो नावों के बीच भयंकर टक्कर हुई. एक नाव दूसरी के ऊपर होकर निकल गयी. नाव की स्पीट इतनी थी कि काफी देर नाव पानी में गोल घूमती रही. नाव के चालक ने अक्लमंदी दिखाई और तेजी से नदी में कूद गया pic.twitter.com/zR1G0ElkdL
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) February 20, 2026
बताया जा रहा है कि यह घटना बीते रविवार की है। उस समय एक बोट फरासू की दिशा से मंदिर क्षेत्र की ओर आ रही थी। इसी दौरान दूसरी बोट पास पहुंची और अचानक दोनों के बीच सीधी भिड़ंत हो गई। वीडियो में देखा जा सकता है कि सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि किसी भी चालक को संभलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।
टक्कर का दृश्य और बचाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक बोट दूसरी के ऊपर चढ़ती हुई आगे निकल गई। संतुलन बिगड़ने की स्थिति में पलटने का खतरा भी बन गया था। एक चालक ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत नदी में छलांग लगा दी और तैरकर किनारे तक पहुंच गया। दूसरी बोट भी नियंत्रण में आ गई और बड़ा हादसा टल गया।
राहत की बात यह रही कि उस समय दोनों बोट में केवल संचालक मौजूद थे। यदि इनमें श्रद्धालु सवार होते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। धारी देवी मंदिर क्षेत्र में आमतौर पर धार्मिक यात्रियों की आवाजाही रहती है और कई बार बोट से नदी पार करने की व्यवस्था भी की जाती है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने बोट संचालन की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मंदिर परिसर के आसपास बोट चलाने के लिए स्पष्ट नियम और गति सीमा तय होनी चाहिए। नगर निगम और प्रशासन से मांग की गई है कि तय मानकों के अनुरूप ही संचालन की अनुमति दी जाए।
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि नदी क्षेत्र में समन्वय की कमी और लापरवाही से भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए आवश्यक है कि सभी ऑपरेटरों को सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाए और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासनिक कार्रवाई की अपेक्षा
हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन मामले की जांच की मांग की जा रही है। स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि घटना की परिस्थितियों की समीक्षा कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि तीर्थ क्षेत्र में सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
यह घटना भले ही बिना नुकसान के समाप्त हो गई हो, लेकिन इसने नदी में चलने वाली मोटर बोट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चर्चा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों के आसपास अतिरिक्त सावधानी और निगरानी आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।



