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UgandaAntiHomosexualityLaw – सार्वजनिक रूप से प्रेम जताने पर दो युवतियां गिरफ्तार

UgandaAntiHomosexualityLaw – पूर्वी अफ्रीका के देश युगांडा में समलैंगिकता को लेकर लागू सख्त कानून एक बार फिर चर्चा में है। अरुआ शहर में दो युवतियों को सार्वजनिक स्थान पर एक-दूसरे को चूमते देखे जाने के बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया। स्थानीय पुलिस के अनुसार, दोनों पर देश में लागू कानून के उल्लंघन का आरोप है।

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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार की गई युवतियों की उम्र लगभग 21 और 22 वर्ष है। उन्हें सार्वजनिक स्थान पर “अस्वीकार्य आचरण” के आरोप में पकड़ा गया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देश में LGBTQ समुदाय से जुड़े मुद्दों पर पहले से ही कड़ा कानूनी रुख अपनाया जा चुका है।

2023 का कानून और उसके प्रावधान

युगांडा ने वर्ष 2023 में एंटी होमोसेक्सुएलिटी एक्ट लागू किया था। इस कानून के तहत समलैंगिक संबंधों को आपराधिक श्रेणी में रखा गया है। प्रावधानों के अनुसार, दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। कुछ विशेष परिस्थितियों में मृत्युदंड का भी प्रावधान शामिल है।

सरकार का कहना है कि यह कानून पारंपरिक सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए लाया गया, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने इसे अत्यधिक कठोर बताया है। कानून लागू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी व्यापक आलोचना हुई थी।

बार-बार उल्लंघन पर सख्त दंड

कानून में यह भी प्रावधान है कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार समान अपराध में दोषी पाया जाता है, या यदि मामला नाबालिग, बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति से जुड़ा हो, तो सजा और कड़ी हो सकती है। कुछ श्रेणियों में इसे “गंभीर अपराध” माना गया है, जिसके लिए मृत्युदंड तक का उल्लेख किया गया है।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस तरह के प्रावधान नागरिक स्वतंत्रता और निजता के अधिकार से जुड़े गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं। हालांकि सरकार ने कानून को संवैधानिक और राष्ट्रीय हित में आवश्यक बताया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आर्थिक असर

कानून पारित होने के बाद संयुक्त राष्ट्र सहित कई पश्चिमी देशों ने चिंता व्यक्त की थी। कुछ अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों ने भी प्रतिक्रिया स्वरूप आर्थिक सहायता पर पुनर्विचार किया। विश्व बैंक ने एक समय वित्तीय सहयोग रोक दिया था, हालांकि बाद में सहायता आंशिक रूप से बहाल कर दी गई।

इस महीने की शुरुआत में एक स्थानीय अदालत ने “गंभीर समलैंगिकता” के तहत दर्ज एक मामले को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि लंबी अवधि की न्यायिक हिरासत के कारण आरोपी की मानसिक स्थिति प्रभावित हुई थी, इसलिए मामले की सुनवाई आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा। इस फैसले को कुछ संगठनों ने राहत भरा कदम बताया।

सामाजिक और कानूनी बहस जारी

युगांडा एक मुख्यतः रूढ़िवादी समाज वाला देश है, जहां धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं का गहरा प्रभाव है। ऐसे में समलैंगिकता से जुड़े मुद्दे अक्सर सामाजिक और राजनीतिक बहस का केंद्र बन जाते हैं। हालिया गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह प्रश्न उठाया है कि कानून, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया जाए।

फिलहाल दोनों युवतियों के मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। इस प्रकरण ने देश के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर चर्चा को तेज कर दिया है।

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