Sanjay Nishad: कुशीनगर में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के काफिले के दौरान बड़ा हादसा, एक कार्यकर्ता की मौत
Sanjay Nishad: उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के काफिले के दौरान बुधवार को कुशीनगर के तमकुहीराज क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब कार्यकर्ता मंत्री के स्वागत में जेसीबी पर चढ़कर पुष्प वर्षा कर रहे थे। इसी दौरान एक अनियंत्रित ट्रक ने जेसीबी को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह असंतुलित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में निषाद पार्टी के एक सक्रिय कार्यकर्ता की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का उपचार स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।

स्वागत समारोह के दौरान ट्रक की टक्कर से मची अफरातफरी
जानकारी के अनुसार, डॉ. संजय निषाद का काफिला बुधवार को तमकुहीराज पहुंचा था। फोरलेन पर स्थित एक अस्थाई क्रॉसिंग के पास कार्यकर्ता जेसीबी मशीनों पर चढ़कर अपने नेता का भव्य स्वागत कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक पीछे से आ रहे एक ट्रक ने जेसीबी में टक्कर मार दी। इस टक्कर के कारण जेसीबी पर खड़े सेवरही क्षेत्र के शंभू निषाद, तमकुही कस्बे के अखिलेश, सिकंदर और गोलू नीचे गिरकर दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। मंत्री और उनके सहयोगियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कराया और एम्बुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
घायल कार्यकर्ता ने इलाज के दौरान तोड़ा दम
गंभीर रूप से घायल 50 वर्षीय शंभू निषाद को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कैबिनेट मंत्री स्वयं क्षेत्रीय विधायक डॉ. असीम राय के साथ अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से जानकारी ली। हालांकि, काफी प्रयासों के बाद भी शंभू निषाद को बचाया नहीं जा सका और उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पार्टी के आधिकारिक बयान के अनुसार, शंभू निषाद किसी निजी कार्य से वहां आए थे और स्वागत कार्यक्रम की सूचना मिलने पर रुक गए थे। उनके निधन की खबर से पार्टी समर्थकों और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है।
कैबिनेट मंत्री ने पुलिस प्रशासन पर उठाए सवाल
हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए डॉ. संजय निषाद ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरी तरह से पुलिस की लापरवाही का परिणाम है। मंत्री का आरोप है कि पुलिस ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए जानबूझकर उस रास्ते को खोल दिया, जिससे ट्रक की एंट्री हुई और यह भीषण हादसा हुआ। उन्होंने इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। निषाद पार्टी के प्रमुख ने कहा कि ‘संवैधानिक आरक्षण पदयात्रा’ के दौरान हुई यह घटना अत्यंत मर्माहत करने वाली है और वह पीड़ित परिवार के साथ इस दुख की घड़ी में खड़े हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और वन-वे मार्ग की चुनौतियां
घटनास्थल के आसपास भारी यातायात और वन-वे मार्ग होने के कारण भी दुर्घटना की तीव्रता बढ़ गई। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्यों या अन्य कारणों से मार्ग को अस्थाई रूप से परिवर्तित किया गया था, जिससे वाहनों के संचालन में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है कि भारी मालवाहक ट्रक प्रतिबंधित या भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में कैसे प्रवेश कर गया। प्रशासन ने भविष्य में ऐसे वीवीआईपी दौरों के दौरान यातायात प्रबंधन को और अधिक सख्त बनाने की बात कही है, ताकि फिर से ऐसी किसी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।



