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Russia Ukraine War: यूक्रेन-रूस युद्ध में बड़ी कूटनीतिक हलचल, मॉस्को ने जेलेंस्की को दिया शांति वार्ता का न्योता

Russia Ukraine War: दो वर्षों से अधिक समय से जारी रूस-यूक्रेन संघर्ष को थामने की दिशा में एक अप्रत्याशित मोड़ आया है। कूटनीतिक गलियारों से खबर है कि रूस ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को सीधी बातचीत के लिए मॉस्को आमंत्रित किया है। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से अमेरिका, दोनों देशों को मेज पर लाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इस आमंत्रण की पुष्टि करते हुए कहा कि मॉस्को की ओर से आधिकारिक संदेश भेजा जा चुका है, हालांकि कीव ने अभी तक इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है।

Russia Ukraine War: यूक्रेन-रूस युद्ध में बड़ी कूटनीतिक हलचल, मॉस्को ने जेलेंस्की को दिया शांति वार्ता का न्योता
Russia Ukraine War: यूक्रेन-रूस युद्ध में बड़ी कूटनीतिक हलचल, मॉस्को ने जेलेंस्की को दिया शांति वार्ता का न्योता
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यह पहली बार नहीं है जब रूस ने बातचीत की पहल की है, लेकिन जेलेंस्की का पिछला रुख काफी सख्त रहा है। बीते साल जब ऐसा ही प्रस्ताव मिला था, तब यूक्रेनी राष्ट्रपति ने इसे सिरे से खारिज करते हुए तर्क दिया था कि वे उस देश की राजधानी नहीं जा सकते जो हर दिन उनके नागरिकों पर मिसाइलें बरसा रहा है। इसके उलट जेलेंस्की ने व्लादिमीर पुतिन को कीव आने की चुनौती दी थी। हालांकि, अब बदलते युद्ध समीकरणों और अमेरिकी दबाव के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या जेलेंस्की अपने रुख में नरमी लाते हैं या नहीं।

अबू धाबी में अमेरिकी मध्यस्थता और ट्रंप का दखल

शांति की इस नई उम्मीद के पीछे अमेरिका की सक्रिय भूमिका मानी जा रही है। पिछले सप्ताह अबू धाबी में दोनों पक्षों के बीच गुप्त चर्चा हुई थी, जिसका उद्देश्य वार्ता के रास्ते खोलना था। रविवार को इसी स्थान पर अगले दौर की बैठक प्रस्तावित है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो इस युद्ध को जल्द समाप्त करने का वादा कर चुके हैं, ने संकेत दिए हैं कि पुतिन और जेलेंस्की की आमने-सामने की मुलाकात अब मुमकिन लग रही है। ट्रंप ने हालिया घटनाक्रमों को बेहद उत्साहजनक बताया है और दावा किया है कि शांति की दिशा में ‘सकारात्मक चीजें’ घट रही हैं।

समझौते की राह में क्षेत्रों के बंटवारे का पेच

भले ही बातचीत का माहौल बन रहा हो, लेकिन जमीनी स्तर पर कई विवाद अब भी बरकरार हैं। सबसे बड़ा मुद्दा कब्जे वाले क्षेत्रों के नियंत्रण को लेकर है। रूस की मांग है कि यूक्रेनी सेना डोनेट्स्क के उन 20 प्रतिशत हिस्सों से पीछे हट जाए जो अभी भी कीव के नियंत्रण में हैं। दूसरी ओर, यूक्रेन किसी भी ऐसी जमीन को छोड़ने को तैयार नहीं है जिसे रूस ने जंग के मैदान में नहीं जीता है। इसके अलावा, युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय शांति रक्षकों की तैनाती और ज़ापोरिज़िया परमाणु संयंत्र की सुरक्षा को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच गहरी खाई बनी हुई है।

ट्रंप का दावा: एक हफ्ते तक रूसी हमलों पर लगेगी रोक

शांति प्रयासों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक और बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उनके व्यक्तिगत आग्रह पर व्लादिमीर पुतिन कीव और अन्य प्रमुख यूक्रेनी शहरों पर एक सप्ताह तक हमले न करने के लिए राजी हो गए हैं। ट्रंप ने क्षेत्र में पड़ रही भीषण ठंड का हवाला देते हुए बताया कि बमबारी के कारण हीटिंग सिस्टम ठप होने से आम जनता को काफी परेशानी हो रही थी। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, मानवीय आधार पर पुतिन ने सात दिनों के लिए मिसाइल हमलों को रोकने का भरोसा दिया है, जिसे वे अपनी एक बड़ी कूटनीतिक जीत मान रहे हैं।

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