उत्तर प्रदेश

Uttar Pradesh Weather Update: उत्तर प्रदेश में बढ़ी गलन और कोहरे का प्रकोप, ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान

Uttar Pradesh Weather Update: उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गुरुवार को मौसम के मिजाज में अचानक आए बदलाव ने गलन और ठिठुरन को काफी बढ़ा दिया है। राज्य के अधिकांश इलाकों में अधिकतम और न्यूनतम, दोनों ही तापमानों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे कड़ाके की सर्दी का अहसास हो रहा है। दिन भर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही और दोपहर 3 बजे के बाद ही नाममात्र की धूप देखने को मिली। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में घने कोहरे का साया बना रहेगा। इसके साथ ही, फरवरी की शुरुआत एक बार फिर बारिश के साथ होने की संभावना जताई गई है। गुरुवार को दिन का अधिकतम पारा 16.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमट गया।

Uttar Pradesh Weather Update: उत्तर प्रदेश में बढ़ी गलन और कोहरे का प्रकोप, ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान
Uttar Pradesh Weather Update: उत्तर प्रदेश में बढ़ी गलन और कोहरे का प्रकोप, ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान

शीतलहर का कहर और कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट

बारिश और ओलावृष्टि (Uttar Pradesh Weather Update) के बाद अब उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में कोहरे और सर्दी ने अपना घेरा सख्त कर लिया है। विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों के दौरान दृश्यता (Visibility) काफी कम रह सकती है, विशेषकर खुले और ग्रामीण क्षेत्रों में यह शून्य तक पहुंच सकती है। इस जनवरी महीने में मौसम के कई रंग देखने को मिले हैं; जहां साल की शुरुआत हाड़ कंपाने वाली ठंड से हुई थी, वहीं 22 जनवरी के आसपास तापमान 26 डिग्री तक पहुंचने से लोगों को मार्च जैसी गर्मी महसूस होने लगी थी। हालांकि, मंगलवार से बदले मौसम ने एक बार फिर लोगों को भारी गर्म कपड़े निकालने पर मजबूर कर दिया है। शाहजहांपुर 15 डिग्री तापमान के साथ गुरुवार को राज्य का सबसे ठंडा शहर दर्ज किया गया।

किसानों पर मौसम की मार: सरसों और आलू की खेती प्रभावित

मौसम का यह बिगड़ा हुआ रूप किसानों के लिए मुसीबत बनकर आया है। हाल ही में हुई तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि ने सरसों की तैयार हो रही फसल को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। खेतों में सरसों के पौधे पूरी तरह बिछ गए हैं और ओलों की मार से फलियों से दाने तक झड़ गए हैं। अगेती बुवाई करने वाले किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। दूसरी ओर, आलू की खेती करने वाले किसान भी चिंतित हैं क्योंकि बारिश के कारण खेतों में जलभराव हो गया है। अगर धूप नहीं निकली, तो आलू के पौधों में गलन का खतरा बढ़ जाएगा, जिससे पैदावार में भारी कमी आ सकती है।

जनजीवन पर असर और बचाव की अपील

बढ़ती गलन और शीतलहर के कारण आम जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई है। सुबह और शाम के समय सड़कों पर आवाजाही काफी कम देखी जा रही है। विशेषकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मौसम स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां पैदा कर रहा है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि कोहरे के दौरान सड़कों पर अत्यंत सावधानी बरतें और फॉग लाइट्स का उपयोग करें। विशेषज्ञों के मुताबिक, एक फरवरी से होने वाली संभावित बारिश के बाद एक बार फिर तापमान में अस्थिरता देखी जा सकती है। फिलहाल, लोगों को प्रशासन की ओर से अलाव और रैनबसेरों का सहारा लेने की हिदायत दी गई है।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.