Uttarakhand Congress Strategy: उत्तराखंड में भाजपा को घेरने के लिए कांग्रेस ने कसी कमर, 16 फरवरी को राजभवन कूच
Uttarakhand Congress Strategy: उत्तराखंड की राजनीति में चुनावी तपिश बढ़ने लगी है। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य की सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की पूरी तैयारी कर ली है। दिल्ली में आलाकमान के साथ हुई महत्वपूर्ण चर्चा के बाद लौटे प्रदेश कांग्रेस के दिग्गजों ने अब आर-पार की जंग का मन बना लिया है। इसी कड़ी में आगामी 16 फरवरी को पार्टी की ओर से देहरादून में विशाल राजभवन कूच का आयोजन किया जाएगा। इस आंदोलन को पार्टी के एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जनमानस को लामबंद करना है।

आगामी तीन महीनों के लिए तैयार हुआ विशेष रोडमैप
देहरादून स्थित कांग्रेस भवन (Uttarakhand Congress Strategy) में गुरुवार को पार्टी के शीर्ष प्रादेशिक नेतृत्व की एक अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में अगले तीन महीनों के लिए एक विस्तृत रणनीतिक खाका यानी रोडमैप तैयार किया गया। पार्टी ने तय किया है कि भाजपा सरकार के खिलाफ केवल राजधानी ही नहीं, बल्कि जिला और विधानसभा स्तर पर भी चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इस ‘हल्ला बोल’ अभियान के जरिए कांग्रेस गांव-गांव तक पहुंचकर अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश करेगी। पार्टी नेताओं का मानना है कि जनता के मुद्दों को सड़क पर उठाए बिना सत्ता परिवर्तन संभव नहीं है।
संसाधनों की लूट और भ्रष्टाचार पर तीखे प्रहार
बैठक के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों की खुलेआम लूट मची है और सरकारी भर्तियों में अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की जा रही है। गोदियाल ने बहुचर्चित अंकिता भंडारी मामले का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा कि आखिर अब तक इस प्रकरण में सीबीआई जांच क्यों शुरू नहीं हो पाई है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि विकास प्राधिकरणों के माध्यम से आम जनता का शोषण किया जा रहा है और राज्य में भ्रष्टाचार के सारे पुराने रिकॉर्ड टूट चुके हैं।
आपदा प्रबंधन और अछूते दर्द पर सरकार की घेराबंदी
कांग्रेस ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों की दुर्दशा को भी अपना मुख्य मुद्दा बनाया है। यशपाल आर्य ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार आपदा पीड़ितों की सुध लेने के बजाय आंकड़ों की बाजीगरी में जुटी है। उन्होंने भाजपा के ही एक वरिष्ठ नेता कर्नल अजय कोठियाल के दावों का हवाला देते हुए कहा कि धराली में मलबे के नीचे दबे लोगों का मामला आज भी अनसुलझा है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार की प्राथमिकता में आम आदमी नहीं, बल्कि केवल सत्ता का संरक्षण है। इन्ही मुद्दों को लेकर पार्टी अब जिलों में जनसंपर्क अभियान तेज करने जा रही है।
राहुल गांधी की घुड़की के बाद दिखी ‘हाथ से हाथ’ वाली एकता
इस पूरी कवायद में सबसे दिलचस्प नजारा पार्टी के भीतर की एकजुटता को लेकर रहा। पिछले कुछ समय से गुटबाजी की खबरों के बीच, गुरुवार को कांग्रेस मुख्यालय में सभी बड़े नेता एक मंच पर साथ दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में राज्य के नेताओं को आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ काम करने की सख्त नसीहत दी थी। इसका असर प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद साफ दिखा, जब गणेश गोदियाल ने सभी नेताओं के हाथ मिलवाकर एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने मीडिया से मुस्कुराते हुए आग्रह भी किया कि संगठन की इस एकता वाली तस्वीर को प्रमुखता से प्रकाशित किया जाए।



