Income Tax Raid Jharkhand: झारखंड और बिहार में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, चावल कारोबारियों के 40 ठिकानों पर छापेमारी
Income Tax Raid Jharkhand: आयकर विभाग की रांची स्थित अनुसंधान शाखा ने गुरुवार को झारखंड और बिहार के चावल कारोबार से जुड़े सिंडिकेट पर बड़ा प्रहार किया है। विभाग की टीमों ने सुबह छह बजे एक साथ दोनों राज्यों के करीब 40 ठिकानों पर दस्तक दी। यह पूरी कार्रवाई ‘बाबा एग्रो फूड लिमिटेड’ और ‘बाबा फूड प्रोसेसिंग’ समूह समेत चावल के बड़े आढ़तियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की सूचना मिलने के बाद की गई। देर रात तक चली इस मैराथन छापेमारी में करोड़ों रुपये के कच्चे व्यापार के दस्तावेज मिलने की बात सामने आ रही है। आयकर अधिकारी फिलहाल जब्त किए गए डिजिटल रिकॉर्ड और बही-खातों के मिलान में जुटे हैं।

बाबा ग्रुप के निदेशकों और सहयोगियों पर शिकंजा
छापेमारी के केंद्र में बाबा ग्रुप की कंपनियां और उनके निदेशक ज्ञान प्रकाश साहू व योगेश साहू रहे। इन समूहों के जरिए बासमती चावल, आटा और मैदा का व्यापक कारोबार किया जाता है। विभाग को संदेह है कि व्यापार के वास्तविक टर्नओवर को छिपाकर भारी मात्रा में टैक्स की हेराफेरी की गई है। कार्रवाई के दौरान नगड़ी स्थित राइस मिलों और संचालकों के दफ्तरों को पूरी तरह खंगाला गया। जैसे ही पांच गाड़ियों में सवार आयकर विभाग की टीम राइस मिल पहुंची, वहां हड़कंप मच गया। स्थिति यह थी कि शुरुआती पलों में कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड अधिकारियों को पहचान भी नहीं पाए।
रांची के नगड़ी में प्रमोद और विनोद महतो के ठिकानों पर दबिश
रांची के नगड़ी इलाके में टीम ने विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया। यहां बंधेया स्थित बाबा राइस मिल और मेला टिकरा के पास स्थित अन्य मिलों में गहन तलाशी ली गई। मिल संचालक प्रमोद महतो और विनोद महतो के आवास व कार्यालयों पर भी टीमों ने मोर्चा संभाला। अचानक हुई इस कार्रवाई से मिल मालिकों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल रहा। सूत्रों के अनुसार, इन ठिकानों से कच्चे कागजों पर किए गए लेन-देन के कई पुख्ता सबूत मिले हैं, जो सरकारी राजस्व को चूना लगाने की ओर इशारा करते हैं।
बिहार के औरंगाबाद और गया में भी कड़ी कार्रवाई
झारखंड के साथ-साथ बिहार के औरंगाबाद और गया में भी आयकर विभाग ने अपनी पकड़ मजबूत रखी। औरंगाबाद में बड़े राइस मिल व्यवसायी विश्वजीत जायसवाल के करीब तीन ठिकानों पर जांच की गई। वियाडा औद्योगिक क्षेत्र स्थित रितेश चंद्रवंशी की राइस मिल और उनके देव प्रखंड स्थित निवास पर भी अधिकारियों ने घंटों दस्तावेजों की जांच की। बताया जा रहा है कि रितेश की मिल में विश्वजीत जायसवाल की बड़ी निवेश पूंजी लगी है, जिसे लेकर आयकर विभाग वित्तीय कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रहा है। विश्वजीत जायसवाल का कारोबार बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश और वाराणसी तक फैला हुआ है, जिसमें रेलवे रेक लोडिंग का काम भी शामिल है।
आढ़तियों के बीच खौफ, कई अकाउंटेंट हुए फरार
आयकर विभाग की इस व्यापक कार्रवाई का असर यह हुआ कि कई व्यवसायियों के वित्तीय सलाहकार (सीए) और अकाउंटेंट सूचना मिलते ही मौके से फरार हो गए। रांची के हरमू रोड, कांके रोड और बरियातू समेत जमशेदपुर, पटना और गया में भी कई संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी गई। अधिकारियों के मुताबिक, जिन 40 जगहों पर छापेमारी हुई, उनमें से 15 ठिकाने केवल चावल के बड़े आढ़तियों के हैं। गया और औरंगाबाद में आढ़तियों के पास से बड़ी मात्रा में नकद और कच्चे व्यापार से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही टैक्स चोरी के सही आंकड़े सामने आ पाएंगे।



