उत्तराखण्ड

UttarakhandWeather – पहाड़ों में बर्फबारी, मैदानों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

UttarakhandWeather – उत्तराखंड के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव आने के संकेत मिले हैं। देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार के लिए राज्य के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का पूर्वानुमान जारी किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण पूरे गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र में मौसम का मिजाज बदल रहा है। इसका सबसे अधिक असर पर्वतीय जिलों में दिखने की संभावना है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में भी बादलों की आवाजाही और हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने संभावित जोखिमों को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है।

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ऊंचे इलाकों में बर्फ, निचले क्षेत्रों में बारिश की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। इन इलाकों में तापमान पहले से ही कम बना हुआ है, ऐसे में ताजा हिमपात से ठंड और बढ़ सकती है। वहीं, मध्यम और निचले पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है, जिससे सड़कों पर फिसलन बढ़ने और छोटे भूस्खलन की आशंका बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।

आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का बढ़ा खतरा

देहरादून, पौड़ी और नैनीताल जिलों में मौसम विभाग ने विशेष अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। अनुमान के मुताबिक, हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और खुले स्थानों पर खतरा बढ़ने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ इस मौसमी परिवर्तन का मुख्य कारण है और इसका प्रभाव अगले 24 से 48 घंटे तक बना रह सकता है।

ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों पर कड़ाके की ठंड

संभावित बर्फबारी के कारण केदारनाथ, बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, औली और मुनस्यारी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आ सकती है। इन क्षेत्रों में पहले से ही ठंड का असर महसूस किया जा रहा था, लेकिन ताजा हिमपात के बाद पारा और नीचे जा सकता है। आपदा प्रबंधन विभाग ने यात्रियों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे ऊंचाई वाले इलाकों में तभी जाएं जब अत्यंत आवश्यक हो। साथ ही, खुले मैदानों में आकाशीय बिजली के दौरान रुकने से बचने और किसानों को कटाई-बुवाई से जुड़े कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

आने वाले दिनों में मौसम का रुख

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार से मौसम में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, पर्वतीय जिलों में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। मैदानी क्षेत्रों में भी तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ते ही स्थिति सामान्य होने लगेगी, लेकिन फिलहाल अगले दो दिनों तक लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

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