Top Selling Cars – जनवरी 2026 में नेक्सन ने बिक्री में बढ़त बनाई
Top Selling Cars – जनवरी 2026 में भारत का पैसेंजर व्हीकल बाजार उम्मीद से बेहतर रफ्तार के साथ खुला। महीने भर में टॉप-10 कारों की कुल बिक्री 1,80,920 यूनिट रही, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 23.06 प्रतिशत अधिक है। आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि भारतीय ग्राहकों का झुकाव लगातार SUVs की ओर बढ़ रहा है, हालांकि हैचबैक और MPV सेगमेंट की लोकप्रिय गाड़ियां भी अपनी पकड़ बनाए हुए हैं। इस सूची में छह मॉडल मारुति सुजुकी के, दो टाटा मोटर्स के, जबकि हुंडई और महिंद्रा का एक-एक मॉडल शामिल रहा।

नेक्सन बनी महीने की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार
टाटा नेक्सन (EV सहित) ने जनवरी 2026 में 23,365 यूनिट्स की बिक्री के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। यह प्रदर्शन पिछले साल के मुकाबले 51.75 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्शाता है। पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वैरिएंट की मजबूत मांग ने इसे बाजार में स्पष्ट बढ़त दिलाई। सुरक्षा, फीचर्स और बेहतर ड्राइविंग अनुभव ने नेक्सन को खरीदारों की पहली पसंद बनाए रखा।
डिजायर और पंच का दमदार प्रदर्शन
दूसरे स्थान पर मारुति डिजायर रही, जिसने 19,629 यूनिट्स बेचीं और 27.60 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की। यह नतीजा बताता है कि सेडान सेगमेंट अब भी प्रासंगिक है और किफायती, आरामदायक फैमिली कारों की मांग बनी हुई है। तीसरे नंबर पर टाटा पंच (EV सहित) रही, जिसकी बिक्री 19,257 यूनिट्स रही। 18.64 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ यह मॉडल शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभरा है।
क्रेटा, अर्टिगा और स्विफ्ट की स्थिर पकड़
हुंडई क्रेटा चौथे स्थान पर रही और 17,921 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की। हालांकि इसमें 3.24 प्रतिशत की हल्की गिरावट देखी गई, फिर भी यह मिड-साइज SUV सेगमेंट में ग्राहकों की पसंद बनी हुई है। मारुति अर्टिगा ने 17,892 यूनिट्स बेचकर 25.58 प्रतिशत की मजबूत बढ़त हासिल की और MPV सेगमेंट में अपनी बादशाहत कायम रखी। वहीं मारुति स्विफ्ट ने 17,806 यूनिट्स के साथ 4.24 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई, जो बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद इसकी लगातार मांग को दर्शाता है।
ब्रेजा की मजबूती, बलेनो पर दबाव
मारुति ब्रेजा ने 17,486 यूनिट्स की बिक्री के साथ 18.57 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की, जिससे यह साबित होता है कि सब-4 मीटर SUV श्रेणी में इसकी स्थिति मजबूत बनी हुई है। दूसरी ओर मारुति बलेनो की बिक्री घटकर 16,782 यूनिट्स रह गई, जो पिछले साल के मुकाबले 15.94 प्रतिशत कम है। इससे संकेत मिलता है कि पारंपरिक हैचबैक सेगमेंट पर अब कॉम्पैक्ट SUVs का दबाव बढ़ रहा है और ग्राहकों की प्राथमिकताएं बदल रही हैं।
स्कॉर्पियो और विक्टोरिस ने बनाई जगह
महिंद्रा स्कॉर्पियो और स्कॉर्पियो-N की संयुक्त बिक्री 15,542 यूनिट्स रही, जिसमें 0.65 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज हुई। यह दर्शाता है कि मजबूत, ऑफ-रोड क्षमताओं वाली SUVs की मांग स्थिर बनी हुई है। वहीं मारुति विक्टोरिस ने 15,240 यूनिट्स बेचकर एक बार फिर टॉप-10 में अपनी जगह पक्की की, जो ग्राहकों के बीच इसकी स्वीकार्यता को दिखाता है।
निर्माताओं के प्रदर्शन का संतुलित आकलन
मारुति सुजुकी ने टॉप-10 बिक्री में लगभग 58 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अपना वर्चस्व बनाए रखा और 28.75 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हासिल की। टाटा मोटर्स ने 34.76 प्रतिशत की सबसे तेज बढ़ोतरी दिखाई, जिसमें नेक्सन और पंच का बड़ा योगदान रहा। हुंडई की बिक्री क्रेटा में आई हल्की गिरावट के कारण लगभग स्थिर रही, जबकि महिंद्रा ने स्कॉर्पियो की मजबूत मांग के बल पर संतुलित प्रदर्शन किया।
कुल मिलाकर जनवरी 2026 के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारतीय ऑटो बाजार में ग्राहकों की पसंद तेजी से विकसित हो रही है। SUVs का दबदबा बढ़ रहा है, लेकिन किफायती और व्यावहारिक मॉडल अब भी बड़ी संख्या में खरीदे जा रहे हैं। आने वाले महीनों में नए लॉन्च और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती उपलब्धता इस ट्रेंड को और गति दे सकती है।



