उत्तर प्रदेश

CodeineCase – कफ सिरप प्रकरण में दो आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण

CodeineCase – कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई से जुड़े बहुचर्चित मामले में शुक्रवार को दो आरोपियों ने अदालत में सरेंडर कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट की अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को तय की गई है। इस प्रकरण में अब तक कई नाम सामने आ चुके हैं और जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

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करोड़ों के कारोबार की जांच

जौनपुर में दर्ज मुकदमे के अनुसार वाराणसी निवासी शुभम जायसवाल और उनके पिता भोला प्रसाद जायसवाल की फर्म शैली ट्रेडर्स के माध्यम से लगभग 42 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। ड्रग विभाग की जांच में प्रारंभिक पुष्टि के बाद 21 नवंबर को ड्रग इंस्पेक्टर ने 12 फर्म संचालकों सहित शुभम और भोला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद सहारनपुर स्थित वान्या इंटर प्राइजेज के जरिए जुड़े चार अन्य फर्मों पर भी कार्रवाई की गई।

अब तक इस पूरे प्रकरण में 23 लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है। भोला प्रसाद को छोड़कर 22 आरोपियों के खिलाफ हाल ही में गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही थी, जिसके बाद दो आरोपी अदालत में पेश हो गए।

अदालत में सरेंडर और बढ़ी धाराएं

चितरसारी थाना कोतवाली क्षेत्र के अर्जुन सोनकर और आकाश सोनकर ने अदालत में आत्मसमर्पण किया। न्यायालय ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। जांच एजेंसियों ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के साथ एनडीपीएस एक्ट की प्रासंगिक धाराएं भी जोड़ी हैं। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के परिजनों से भी पूछताछ की जाएगी ताकि सप्लाई चेन की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके।

छह लाख शीशियों का हिसाब अधूरा

इस मामले में पहले से जेल भेजे जा चुके विनोद अग्रवाल को लेकर भी नए तथ्य सामने आए हैं। क्राइम ब्रांच और ड्रग विभाग की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ है कि उसके नेटवर्क से बड़ी मात्रा में कफ सिरप की शीशियां बाजार से गायब हुईं। प्रारंभिक जांच में लगभग छह लाख शीशियों का स्पष्ट हिसाब नहीं मिल पाया है।

पूछताछ में विनोद अग्रवाल ने दावा किया कि उसने दो वर्षों में करीब 19 लाख शीशियां बेचीं। जबकि जांच में पता चला है कि हिमाचल प्रदेश सहित आठ दवा कंपनियों से लगभग 25 लाख शीशियों की आपूर्ति की गई थी। इस अंतर को लेकर एजेंसियां अब उसे दोबारा रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही हैं। कानपुर में उसके खिलाफ 10 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें वह, उसका बेटा और अन्य लोग नामजद हैं।

हमीरपुर में बच्चे की मौत से जुड़ा मामला

इस बीच हमीरपुर से एक अलग लेकिन चिंताजनक घटना सामने आई है। सर्दी-खांसी से पीड़ित तीन वर्षीय बच्चे को कथित तौर पर वयस्कों के लिए निर्धारित कफ सिरप दे दिया गया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। परिजनों के विरोध के बाद पुलिस ने झोलाछाप के रूप में काम कर रही वार्ड आया उमा सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

परिवार का आरोप है कि दवा देने के कुछ ही समय बाद बच्चे की तबीयत अचानक खराब हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग भी इस घटना की रिपोर्ट तलब कर रहा है।

जांच का दायरा बढ़ा

कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई का यह मामला अब कई जिलों और फर्मों तक फैल चुका है। पुलिस और ड्रग विभाग मिलकर सप्लाई चेन, स्टॉक रजिस्टर और वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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