BangladeshPolitics – तारिक रहमान आज लेंगे प्रधानमंत्री पद की शपथ
BangladeshPolitics – बांग्लादेश में हालिया आम चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी के नेता तारिक रहमान मंगलवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इस राजनीतिक बदलाव के बीच ढाका ने अपने शपथग्रहण समारोह के लिए भारत सहित 13 देशों के शीर्ष नेताओं को आमंत्रित किया है। ऐसे समय में यह निमंत्रण खास माना जा रहा है, जब दोनों देशों के संबंध हाल के वर्षों में उतार-चढ़ाव से गुजरे हैं।

भारत सहित 13 देशों को निमंत्रण
बांग्लादेश सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक आमंत्रण भेजा है। हालांकि, कार्यक्रम की तारीख ऐसे समय पर तय हुई है जब भारत में एआई इम्पैक्ट समिट आयोजित हो रही है और प्रधानमंत्री का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम भी है। इसी वजह से भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने की संभावना जताई गई है।
भारत के अलावा जिन देशों को आमंत्रण भेजा गया है, उनमें चीन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्किये, पाकिस्तान, कतर, ब्रुनेई, मलेशिया, नेपाल, मालदीव और भूटान शामिल हैं। क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर संतुलन साधने की कोशिश के रूप में इस व्यापक निमंत्रण सूची को देखा जा रहा है।
नई सरकार का भारत के प्रति रुख
बीएनपी नेतृत्व ने संकेत दिया है कि वह भारत के साथ स्थिर और व्यावहारिक संबंध बनाए रखना चाहता है। पार्टी अध्यक्ष तारिक रहमान के सलाहकार हुमायूं कबीर ने हाल ही में कहा कि दोनों देशों को साझा हितों को ध्यान में रखते हुए सहयोग करना चाहिए। उनके मुताबिक, चुनाव में मिले जनादेश के बाद बदली राजनीतिक परिस्थितियों को स्वीकार करना सभी पक्षों के हित में है।
उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश की विदेश नीति राष्ट्रीय हितों पर आधारित होगी और पड़ोसी देशों के साथ संबंध पारस्परिक सम्मान के आधार पर आगे बढ़ाए जाएंगे।
शेख हसीना को लेकर बयानबाजी
राजनीतिक बदलाव के बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का मुद्दा भी चर्चा में है। अगस्त 2024 के बाद से वह भारत में रह रही हैं। बीएनपी नेताओं ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि नई सरकार इस मामले को कानूनी दायरे में देखेगी।
हालांकि, आधिकारिक स्तर पर यह स्पष्ट किया गया है कि बांग्लादेश अपने आंतरिक मामलों में संप्रभु निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि विवादित मुद्दों का समाधान हो जाता है तो द्विपक्षीय संबंध सामान्य ढंग से आगे बढ़ सकते हैं।
क्षेत्रीय संतुलन की रणनीति
दक्षिण एशिया में भारत, चीन और अमेरिका के बीच बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता के संदर्भ में नई सरकार की नीति पर भी नजर है। बीएनपी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि बांग्लादेश किसी एक देश पर निर्भर रहने की नीति नहीं अपनाएगा। विदेश नीति का केंद्र राष्ट्रीय हित और क्षेत्रीय स्थिरता रहेगा।
तारिक रहमान के भारत आने की संभावना भी जताई गई है, हालांकि इस पर कोई औपचारिक कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि नई सरकार के शुरुआती कदम यह तय करेंगे कि क्षेत्रीय समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
सत्ता परिवर्तन का व्यापक प्रभाव
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन केवल घरेलू राजनीति का मामला नहीं है, बल्कि इसका असर क्षेत्रीय कूटनीति पर भी पड़ सकता है। भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, ऊर्जा, संपर्क और सुरक्षा सहयोग जैसे कई क्षेत्र हैं, जिनमें निरंतर संवाद आवश्यक है।
नई सरकार की प्राथमिकता आंतरिक स्थिरता के साथ-साथ पड़ोसी देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना होगी। शपथग्रहण समारोह के बाद बनने वाली नीतिगत दिशा से आने वाले समय की कूटनीतिक तस्वीर साफ होगी।



