GoldPriceToday – चार दिन की तेजी के बाद सोने-चांदी में गिरावट
GoldPriceToday – घरेलू वायदा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखी गई। पिछले सत्र में तेज उछाल के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को तरजीह दी, जिससे भाव दबाव में आ गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना करीब आधा प्रतिशत गिरकर लगभग 1,60,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी का अप्रैल वायदा करीब 0.20 प्रतिशत फिसलकर 2,64,972 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा। इससे पहले के सत्र में सोने में लगभग 3 प्रतिशत और चांदी में करीब 5 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई थी।

वैश्विक बाजार से मिला दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हल्की कमजोरी का रुख रहा। एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड में गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 0.71 प्रतिशत टूटकर 5,187 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। स्पॉट सिल्वर भी 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ 86.36 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। लगातार चार दिन की तेजी के बाद यह ठहराव निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।
टैरिफ और नीतिगत अनिश्चितता का असर
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी व्यापार नीति को लेकर बयानबाजी ने अस्थिरता बढ़ाई है। हाल में टैरिफ बढ़ाने के संकेतों ने निवेशकों की चिंता को बढ़ाया है। जब भी वैश्विक स्तर पर नीतिगत अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, लेकिन साथ ही अल्पकालिक उतार-चढ़ाव भी तेज हो जाता है। यही वजह है कि तेज उछाल के बाद कीमतों में कुछ नरमी देखी जा रही है।
मध्य पूर्व की स्थिति पर नजर
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता को लेकर जारी कूटनीतिक हलचल पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। क्षेत्रीय तनाव में किसी भी तरह की वृद्धि का असर कमोडिटी बाजार पर पड़ सकता है। हालांकि अमेरिकी नेतृत्व ने कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देने की बात दोहराई है, जिससे तत्काल बड़े उतार-चढ़ाव की आशंका कुछ कम हुई है।
महंगाई और ब्याज दरों की चिंता
हाल में जारी अमेरिकी आंकड़ों से संकेत मिला है कि महंगाई उम्मीद से अधिक बनी हुई है। यदि मुद्रास्फीति ऊंचे स्तर पर कायम रहती है तो फेडरल रिजर्व निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती से परहेज कर सकता है। ऊंची या स्थिर ब्याज दरें सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों के आकर्षण को सीमित कर सकती हैं। यही कारण है कि निवेशक हर आर्थिक संकेत पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय और आगे का संकेत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट को रुझान में बड़े बदलाव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार हालिया उतार-चढ़ाव अधिकतर अल्पकालिक मुनाफावसूली और वैश्विक खबरों की प्रतिक्रिया है। तकनीकी स्तर पर सोने की कीमतें अब भी प्रमुख औसत स्तरों के ऊपर बनी हुई हैं, जो दीर्घकालिक मजबूती का संकेत देती हैं। यदि कीमतें फिर से ऊपरी दायरे को पार करती हैं तो नई तेजी की संभावना बन सकती है।
चांदी के संदर्भ में भी विश्लेषकों का कहना है कि औद्योगिक मांग और आपूर्ति के समीकरण इसे समर्थन दे रहे हैं। मध्यम से लंबी अवधि के नजरिए से रुझान सकारात्मक बताया जा रहा है, हालांकि अल्पकाल में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
कुल मिलाकर, बाजार फिलहाल वैश्विक संकेतों, नीतिगत फैसलों और आर्थिक आंकड़ों के बीच संतुलन साधने की कोशिश में है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जोखिम प्रबंधन पर ध्यान रखते हुए निर्णय लें।



