VintageTractor – जालंधर के कबाड़ से निकला 105 साल पुराना दुर्लभ ट्रैक्टर
VintageTractor – कभी कबाड़ समझकर एक कोने में छोड़ दिया गया जालंधर का एक पुराना ट्रैक्टर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। करीब 105 वर्ष पुराने इस जर्मन ट्रैक्टर को अमेरिका के एक खरीदार ने 1.25 करोड़ रुपये में खरीद लिया है। वर्षों तक धूल और जंग के बीच पड़ा यह ट्रैक्टर अब कैलिफोर्निया के एक कृषि संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा। स्थानीय लोगों के लिए यह केवल एक पुरानी मशीन थी, लेकिन विशेषज्ञों के लिए यह औद्योगिक इतिहास की अहम धरोहर साबित हुआ।

जर्मनी में बना था दुर्लभ मॉडल
जानकारी के अनुसार यह ट्रैक्टर वर्ष 1921 में निर्मित लैंड बुल्डॉग एचएल 12 मॉडल है। इसे जर्मनी की लैंज बुल्डॉग कंपनी ने तैयार किया था, जो उस दौर में कृषि उपकरणों के निर्माण के लिए प्रसिद्ध थी। कंपनी के संस्थापक हेनरिक लैंज एजी ने बुल्डॉग सीरीज के तहत कई मॉडल बनाए थे, जिनका उत्पादन 1950 तक जारी रहा। उस समय ये ट्रैक्टर महंगे और तकनीकी रूप से उन्नत माने जाते थे तथा कई देशों में निर्यात किए जाते थे।
जालंधर में दशकों तक पड़ा रहा उपेक्षित
यह ट्रैक्टर जालंधर के हीद भगत सिंह चौक के पास लंबे समय से खड़ा था। समय के साथ इस पर जंग चढ़ गई थी और अधिकांश लोग इसे बेकार मान चुके थे। हालांकि, ट्रैक्टर के किनारों और पीछे की ओर ‘हेनरिक लैंज मैनहीम’ लिखा हुआ स्पष्ट दिखाई देता था, जो इसकी असली पहचान बताता था। स्थानीय पार्षद पुनीत वाधेरा ने बताया कि बचपन में वे और अन्य बच्चे इसी ट्रैक्टर पर खेलते थे। उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि यह मशीन इतनी ऐतिहासिक और मूल्यवान हो सकती है।
वीडियो के बाद बढ़ी दिलचस्पी
करीब दो महीने पहले एक यूट्यूबर ने इस ट्रैक्टर का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। इसके बाद देश-विदेश से लोगों की दिलचस्पी बढ़ने लगी। ट्रैक्टर की तस्वीरें और जानकारी सामने आने पर इसकी ऐतिहासिक अहमियत पर चर्चा शुरू हुई। बताया जाता है कि ब्रिटिश काल में इस ट्रैक्टर को भारत लाया गया था। हालांकि, इसके मूल मालिक के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। बताया जाता है कि वे करीब 40 वर्ष पहले अमेरिका चले गए थे।
कीमत में अचानक उछाल
शुरुआत में इस ट्रैक्टर की कीमत महज दो लाख रुपये आंकी गई थी। लेकिन जैसे-जैसे इसके बारे में जानकारी फैलती गई, प्रस्तावित कीमत तेजी से बढ़ने लगी। एक ही रात में इसकी बोली 28 लाख रुपये तक पहुंच गई। अंततः 17 फरवरी को अमेरिका के एक खरीदार ने 1.25 करोड़ रुपये की पेशकश की, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अगले ही दिन इसे क्रेन की मदद से उठाकर मुंबई पोर्ट भेजा गया, जहां से इसे कैलिफोर्निया रवाना किया जाएगा।
कैलिफोर्निया के संग्रहालय में मिलेगा स्थान
सूत्रों के मुताबिक यह ट्रैक्टर अब कैलिफोर्निया के एक कृषि संग्रहालय में रखा जाएगा, जहां इसे ऐतिहासिक मशीनरी के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। फिलहाल खरीदार की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की विंटेज मशीनें औद्योगिक इतिहास की झलक देती हैं और उस दौर की तकनीकी प्रगति को समझने में मदद करती हैं।
तकनीकी दृष्टि से भी था अनोखा
हेनरिक लैंज के बुल्डॉग ट्रैक्टर अपनी मजबूती और अनोखी तकनीक के लिए पहचाने जाते थे। कहा जाता है कि यह उन शुरुआती मशीनों में से एक था जो कच्चे तेल से संचालित होती थीं। खास बात यह थी कि इसे विभिन्न प्रकार के ईंधन से चलाया जा सकता था, जिसमें वनस्पति तेल और वेस्ट तेल भी शामिल थे। इसके सामने का ढांचा बुल्डॉग के चेहरे से मिलता-जुलता था, इसी कारण इसके नाम में ‘बुल्डॉग’ शब्द जोड़ा गया।
यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कभी-कभी साधारण दिखने वाली चीजें भी ऐतिहासिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद मूल्यवान हो सकती हैं। जालंधर का यह ट्रैक्टर अब स्थानीय स्मृति से निकलकर वैश्विक मंच तक पहुंच चुका है।



