PhDAdmission – डीडीयू में पीएचडी प्रवेश के लिए 2918 आवेदन प्राप्त
PhDAdmission – दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शोध कार्यक्रमों के लिए इस वर्ष अभ्यर्थियों की उल्लेखनीय रुचि देखने को मिली है। वर्ष 2025 की शोध पात्रता परीक्षा के माध्यम से 2026 सत्र में पीएचडी प्रवेश के लिए कुल 2918 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। इनमें 2768 अभ्यर्थी पूर्णकालिक शोध के लिए और 150 अभ्यर्थी अंशकालिक श्रेणी में शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन अब अगली औपचारिकताओं की तैयारी में जुट गया है।

सीटों की उपलब्धता और आवेदन का परिदृश्य
प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा के अनुसार, इस बार विभिन्न विषयों में निर्धारित सीटों के मुकाबले कई गुना अधिक आवेदन आए हैं। विश्वविद्यालय ने 866 पूर्णकालिक और 55 अंशकालिक सीटों के साथ-साथ स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों की 90 सीटों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। आंकड़ों के मुताबिक, हिंदी विषय में सर्वाधिक 305 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके बाद राजनीति विज्ञान में 282 और शिक्षाशास्त्र में 263 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। इससे स्पष्ट है कि सामाजिक विज्ञान और भाषा विषयों में शोध को लेकर छात्रों का झुकाव बढ़ा है।
विभिन्न विषयों में प्रतिस्पर्धा की स्थिति
अन्य विषयों की बात करें तो जन्तु विज्ञान में 168, वाणिज्य में 167 और विधि में 156 आवेदन दर्ज किए गए हैं। भूगोल में 144 तथा मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास में 138 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। अंग्रेजी में 124 और समाजशास्त्र में 123 अभ्यर्थी शामिल हैं। विज्ञान संकाय के विषयों में वनस्पति विज्ञान में 107, गणित में 78, रसायन विज्ञान और मनोविज्ञान में 65-65 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
संस्कृत, व्यावसायिक प्रशासन, बायोटेक्नोलॉजी और गृह विज्ञान जैसे विषयों में भी अच्छी संख्या में आवेदन आए हैं। अर्थशास्त्र और भौतिक विज्ञान में 49-49 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। तकनीकी विषयों में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 13, कंप्यूटर साइंस में 12 तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में 8 आवेदन मिले हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एक आवेदन दर्ज किया गया है। कृषि संकाय के अंतर्गत 12 विषयों में कुल 125 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस वर्ष अधिकांश विषयों में प्रतिस्पर्धा कड़ी रहने की संभावना है।
त्रुटि सुधार के लिए अवसर
विश्वविद्यालय ने आवेदन प्रक्रिया के दौरान हुई त्रुटियों को ठीक करने के लिए अभ्यर्थियों को अवसर दिया है। एक और दो मार्च को ऑनलाइन करेक्शन विंडो सक्रिय रखी गई है। इस अवधि में उम्मीदवार अपने प्रोफाइल में लॉगिन कर आवश्यक संशोधन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुधार के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह सुविधा उन अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी है, जिनसे आवेदन भरते समय किसी प्रकार की तकनीकी या विवरण संबंधी गलती हो गई थी।
आगामी चरण: परीक्षा और साक्षात्कार
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने जानकारी दी कि आवेदन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुकी है और अब शोध पात्रता परीक्षा आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि इसी माह परीक्षा संपन्न करा ली जाए, ताकि अगले महीने तक साक्षात्कार और अंतिम प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जा सके। प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराई जाएगी, जिससे शोध कार्य सत्र की शुरुआत निर्धारित समय पर हो सके।
इस बार आवेदनों की संख्या को देखते हुए यह स्पष्ट है कि उच्च शिक्षा में शोध के प्रति छात्रों की रुचि बनी हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अब निष्पक्ष और व्यवस्थित चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके।



