UttarakhandBudgetSession – गैरसैंण सत्र से पहले सियासी हलचल, विपक्ष ने बनाई घेराबंदी की रणनीति
UttarakhandBudgetSession – उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में शुरू होने जा रहे विधानसभा बजट सत्र से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार बजट सत्र के दौरान अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को सामने रखने की तैयारी में है, वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। चुनावी माहौल के बीच होने वाला यह सत्र राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, जिसमें विभिन्न जनहित के मुद्दों पर तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है।

कांग्रेस ने सत्र की अवधि बढ़ाने की उठाई मांग
गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अध्यक्षता में कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पार्टी के विधायकों ने आगामी सत्र के दौरान उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। कांग्रेस का कहना है कि विधानसभा सत्र की अवधि पर्याप्त नहीं रखी गई है, जिसका वे विरोध करेंगे।
यशपाल आर्य ने कहा कि राज्य सरकार जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर चर्चा से बचना चाहती है। कांग्रेस की मांग है कि विधानसभा का सत्र कम से कम 20 से 22 दिन तक चलाया जाए ताकि जनहित से जुड़े विषयों पर विस्तार से बहस हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार इस मांग पर ध्यान नहीं देती है तो कांग्रेस सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह विरोध दर्ज कराएगी।
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद बजट पेश करने पर आपत्ति
विपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद बजट पेश किए जाने की प्रस्तावित प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विधानसभा के इतिहास में ऐसा पहले नहीं हुआ है और इस पर सदन में कड़ा विरोध किया जाएगा।
पार्टी का मानना है कि बजट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय और प्रक्रिया का पालन जरूरी है। ऐसे में अभिभाषण के तुरंत बाद बजट पेश करने से सदन में सार्थक बहस की गुंजाइश कम हो सकती है।
कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी
कांग्रेस ने साफ किया है कि बजट सत्र के दौरान कई अहम मुद्दों को उठाया जाएगा। इनमें भर्ती घोटालों की जांच, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, अंकिता भंडारी प्रकरण, भ्रष्टाचार, महंगाई, गैरसैंण क्षेत्र के विकास से जुड़े सवाल और राज्य में बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे विषय शामिल हैं।
इसके अलावा आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को भी सदन में उठाने की तैयारी की गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ये सभी विषय सीधे तौर पर आम जनता से जुड़े हुए हैं, इसलिए सरकार को इन पर स्पष्ट जवाब देना होगा।
बिजली और पानी के मुद्दों पर भी होगी चर्चा
विधानसभा सत्र के दौरान बिजली और पेयजल आपूर्ति से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है। विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के कुछ विधायकों की ओर से भी इन विषयों पर विभागों से जवाब मांगे जाने की बात कही जा रही है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि हर घर नल से जल पहुंचाने का दावा अभी पूरी तरह जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। उनका कहना है कि कई गांवों में नल तो लगाए गए हैं, लेकिन उनमें नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है।
महंगी बिजली को लेकर भी विपक्ष का सवाल
उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध राज्य में ही बिजली के दाम लगातार बढ़ना आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले साल में एक बार बिजली की दरों में संशोधन होता था, लेकिन अब लगभग हर महीने दरों में बढ़ोतरी की स्थिति बन रही है। ऐसे में सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट नीति और जवाब देना होगा।
मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष की शिष्टाचार भेंट
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से उनके भराड़ीसैंण स्थित सरकारी आवास पर मुलाकात की। इसे लोकतांत्रिक परंपरा के तहत सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया गया।
यशपाल आर्य ने कहा कि सत्र से पहले इस प्रकार की मुलाकातें सदन की कार्यवाही को सुचारु और मर्यादित ढंग से चलाने के उद्देश्य से होती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सदन में प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।
कांग्रेस बैठक में 14 विधायक रहे मौजूद
कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक में कुल 14 विधायक उपस्थित रहे। हालांकि प्रीतम सिंह, काजी निजामुद्दीन, लखपत बुटोला, आदेश चौहान, तिलक राज बेहड और विरेंद्र जाति विभिन्न कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो सके। बताया गया कि बैठक समाप्त होने के तुरंत बाद प्रीतम सिंह गैरसैंण पहुंच गए थे।
अब विधानसभा सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर बहस और राजनीतिक रणनीतियों की झलक देखने को मिल सकती है।



