KuldeepYadav – खराब फॉर्म से बढ़ी दिल्ली कैपिटल्स की गेंदबाजी की चिंता
KuldeepYadav – दिल्ली कैपिटल्स के लिए आईपीएल 2026 का सफर अब तक उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन टीम की सबसे बड़ी चिंता अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव की फॉर्म बन गई है। लंबे समय से मैच जिताने वाले गेंदबाज माने जाने वाले कुलदीप इस सीजन अपनी लय में नजर नहीं आए हैं। विकेट लेने में संघर्ष के साथ-साथ रन रोकने में भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका असर सीधे टीम के प्रदर्शन पर दिखाई दे रहा है।

टी20 क्रिकेट में किसी भी स्पिनर की भूमिका बीच के ओवरों में रन गति पर नियंत्रण रखने और महत्वपूर्ण विकेट निकालने की होती है। हालांकि इस सीजन कुलदीप इन दोनों मोर्चों पर अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं। यही वजह है कि दिल्ली की गेंदबाजी इकाई कई मुकाबलों में दबाव में दिखाई दी।
आंकड़ों में दिख रही संघर्ष की कहानी
आईपीएल 2026 में कुलदीप यादव ने अब तक 10 मुकाबलों में 30 ओवर गेंदबाजी की है। इस दौरान उन्हें सिर्फ सात विकेट मिले हैं। उनका गेंदबाजी औसत 44 से ज्यादा का रहा है, जो टी20 क्रिकेट के लिहाज से काफी महंगा माना जाता है। इसका सीधा मतलब यह है कि एक विकेट लेने के लिए उन्हें काफी रन खर्च करने पड़ रहे हैं।
उनका स्ट्राइक रेट भी चिंता बढ़ाने वाला है। आमतौर पर टी20 क्रिकेट में गेंदबाज कम गेंदों में विकेट निकालने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुलदीप को विकेट लेने के लिए औसतन 25 से ज्यादा गेंदों की जरूरत पड़ रही है। इससे विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिल रहा है।
रन रोकने में भी नहीं मिल रही सफलता
दिल्ली कैपिटल्स के लिए मुश्किल सिर्फ विकेटों की कमी तक सीमित नहीं है। कुलदीप इस बार रन गति नियंत्रित करने में भी संघर्ष करते दिखे हैं। उनका इकॉनमी रेट 10 से ऊपर पहुंच चुका है, जो किसी प्रमुख स्पिनर के लिए चिंता का विषय माना जाता है।
इस सीजन जिन गेंदबाजों ने कम से कम 10 ओवर फेंके हैं, उनमें कुलदीप का इकॉनमी सबसे ज्यादा बताया जा रहा है। यही कारण है कि विरोधी टीमें उनके खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करने से नहीं हिचक रही हैं। खास बात यह भी है कि वह अब तक 24 छक्के खा चुके हैं, जो मौजूदा सीजन में किसी भी गेंदबाज के खिलाफ सबसे अधिक हैं।
टीम प्रबंधन ने जताया भरोसा
हालांकि खराब प्रदर्शन के बावजूद दिल्ली कैपिटल्स का टीम प्रबंधन कुलदीप यादव के समर्थन में खड़ा नजर आ रहा है। कप्तान अक्षर पटेल ने हाल ही में मैच के बाद कहा कि टीम को गेंदबाजी में कुलदीप की पुरानी लय की कमी महसूस हो रही है। उनके मुताबिक, जब कुलदीप अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में होते हैं तो टीम का गेंदबाजी संतुलन काफी मजबूत हो जाता है।
एक मुकाबले में कुलदीप ने तीन ओवर में 34 रन दिए थे और कोई विकेट नहीं ले सके थे। इसके बाद उनकी फॉर्म को लेकर सवाल और तेज हो गए। हालांकि टीम के भीतर अब भी यह भरोसा कायम है कि अनुभवी स्पिनर जल्द वापसी कर सकते हैं।
कोच ने रिदम को बताया असली चुनौती
दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच हेमांग बदानी ने भी कुलदीप की स्थिति पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ खराब फॉर्म का मामला नहीं बल्कि सही रिदम हासिल करने की चुनौती है। उनके अनुसार कुलदीप अभी उस गति और नियंत्रण के साथ गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं जिसके लिए वह पहचाने जाते हैं।
कोच ने यह भी साफ किया कि टीम को अब हर मुकाबला नॉकआउट की तरह खेलना होगा। दिल्ली के लिए प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए लगातार जीत जरूरी है और ऐसे में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका और अहम हो जाती है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि आने वाले मुकाबलों में कुलदीप अपनी पुरानी धार वापस हासिल कर पाएंगे।