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Reliance – अमेरिका में नई रिफाइनरी की खबर से शेयरों में उछाल, बाजार कमजोर

Reliance – वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच एक बड़े निवेश से जुड़ी खबर ने भारतीय शेयर बाजार में हलचल पैदा कर दी है। उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान मजबूती देखी गई। कंपनी का शेयर करीब 1.69 प्रतिशत की बढ़त के साथ सेंसेक्स में सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयरों में शामिल रहा और लगभग 1432 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया। हालांकि दूसरी ओर व्यापक बाजार दबाव में दिखाई दिया, जहां सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।

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शुरुआती कारोबार में बाजार पर दबाव

दिन की शुरुआत में जहां रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी दिखाई दी, वहीं समग्र बाजार का रुख कमजोर रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स लगभग 255 अंकों की गिरावट के साथ करीब 77,950 के स्तर पर आ गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 67 अंक नीचे फिसलकर 24,194 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी खबरों का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ रहा है, जिससे सूचकांकों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

ट्रंप के बयान से चर्चा में आया बड़ा ऊर्जा निवेश

इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और निवेश जगत का ध्यान खींच लिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि भारत की प्रमुख निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अमेरिका में एक नई ऑयल रिफाइनरी स्थापित करने की योजना में शामिल है। उन्होंने इस परियोजना को पिछले करीब 50 वर्षों में अमेरिका में बनने वाली पहली नई रिफाइनरी बताया और इसे एक ऐतिहासिक समझौते के रूप में पेश किया।

ट्रंप के अनुसार यह विशाल परियोजना टेक्सास के ब्राउन्सविले बंदरगाह क्षेत्र में विकसित की जाएगी और इसमें लगभग 300 अरब डॉलर का निवेश प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि यह निवेश अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी

इस प्रस्तावित परियोजना की जानकारी ट्रंप ने देर रात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर साझा की। उन्होंने बताया कि इस रिफाइनरी को ‘अमेरिका फर्स्ट रिफाइनिंग’ नामक कंपनी विकसित करेगी, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज इसमें निवेशक के रूप में भागीदारी कर सकती है। अपने संदेश में ट्रंप ने इस समझौते को अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा निवेशों में से एक बताया।

हालांकि, इस घोषणा के बाद भी रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से फिलहाल इस परियोजना को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह निवेश योजना आगे बढ़ती है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर भी पड़ सकता है।

टेक्सास के ब्राउन्सविले पोर्ट का रणनीतिक महत्व

प्रस्तावित रिफाइनरी के लिए टेक्सास का पोर्ट ऑफ ब्राउन्सविले एक महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। यह खाड़ी तट का एक प्रमुख शिपिंग केंद्र है, जहां से ऊर्जा उत्पादों का बड़े पैमाने पर निर्यात संभव है। अगर यह परियोजना आकार लेती है, तो इससे अमेरिका के घरेलू बाजार के लिए ईंधन आपूर्ति मजबूत हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा निर्यात में भी बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है।

ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि प्रस्तावित संयंत्र को पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया जाएगा। उनके मुताबिक यह दुनिया की सबसे स्वच्छ रिफाइनरियों में से एक हो सकती है और इसके निर्माण से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

आर्थिक नीतियों से जोड़ा निवेश का दावा

ट्रंप ने इस संभावित निवेश को अपनी आर्थिक नीतियों की सफलता से भी जोड़ा। उनका कहना है कि ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति, परमिट प्रक्रिया को सरल बनाने और करों में कमी जैसे कदमों के कारण ही इतने बड़े स्तर का निवेश आकर्षित हुआ है। उन्होंने इस संदर्भ में भारत और रिलायंस इंडस्ट्रीज का आभार भी व्यक्त किया।

हालांकि निवेश से जुड़ी वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के लिए कंपनी की आधिकारिक प्रतिक्रिया और परियोजना के विस्तृत विवरण का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल बाजार में इस खबर के चलते ऊर्जा क्षेत्र और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।

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