UttarakhandPolitics – विधानसभा में मुख्यमंत्री धामी ने विकास और विपक्ष पर दिया जवाब
UttarakhandPolitics – उत्तराखंड विधानसभा में बुधवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और विपक्ष के आरोपों पर विस्तार से प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के विकास और सुशासन को प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित तथा मजबूत उत्तराखंड बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

सरकारी जमीन बचाने और भविष्य सुरक्षित करने की बात
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को बचाने का काम किया है। उनका कहना था कि यह कदम प्रदेश के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी था। उन्होंने कहा कि देवभूमि की पहचान और संसाधनों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसी सोच के साथ प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकास के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, राज्य के विकास कार्यों को लेकर कुछ लोग अनावश्यक आरोप लगाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे प्रदेश की छवि प्रभावित हो सकती है।
नस्लभेद और पेपर लीक के आरोपों पर प्रतिक्रिया
सदन में मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में किसी प्रकार की नस्लभेदी घटना नहीं हुई है। उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन राज्य की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपों से बचना चाहिए।
भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पारदर्शी तरीके से हजारों युवाओं को रोजगार दिया है। उनके अनुसार, कई मामलों को गलत तरीके से पेपर लीक बताकर भ्रम फैलाने की कोशिश की गई, जबकि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
चार साल की उपलब्धियों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले चार वर्षों के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से प्रगति की है और कई योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है।
उन्होंने बताया कि नीति आयोग के सतत विकास सूचकांक में उत्तराखंड को पहली रैंक मिली है, जो राज्य के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह उपलब्धि केवल सरकार की नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
खनन और प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार का दावा
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि खनन सहित विभिन्न क्षेत्रों में नई व्यवस्था लागू की गई है ताकि संसाधनों का उपयोग नियमों के अनुसार हो सके।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन सुधारों का उद्देश्य राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नीतियों का लाभ राज्य के विकास कार्यों में दिखाई दे रहा है।
सदन में विपक्ष के सवालों पर टिप्पणी
सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष के सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों का भी जवाब दिया। कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सदन में उठाए गए सभी सवालों का जवाब सरकार की ओर से दिया जाएगा और किसी भी विषय पर पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल उठाना स्वाभाविक है, लेकिन चर्चा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए ताकि जनता के सामने सही तस्वीर सामने आ सके।
कोटद्वार की घटना का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कोटद्वार की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ मामलों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अशांति फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं ने सेना और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है और राज्य सरकार ऐसे युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर काम कर रही है।
गैरसैंण में सत्र बढ़ाने और विकास योजनाओं की घोषणा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार गैरसैंण को लेकर भी गंभीर है और यहां विधानसभा सत्रों की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में गैरसैंण में और अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इसके साथ ही गैरसैंण क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यहां बद्री गाय से संबंधित एक बड़ा केंद्र स्थापित करने की योजना है और शहर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए स्मार्ट सिटी जैसी योजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
2027 को लेकर राजनीतिक टिप्पणी
अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने राज्य की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड का विकास ही सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा और सरकार इसी दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार कानून व्यवस्था और विकास से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से ले रही है और प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जा रहा है।



