HormuzStrait – समुद्री मार्ग खोलने को अमेरिका बना रहा वैश्विक गठबंधन योजना
HormuzStrait – फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के केंद्र में आ गया है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका कथित तौर पर एक अंतरराष्ट्रीय पहल की तैयारी कर रहा है, जिसका उद्देश्य इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन इस दिशा में कई देशों के साथ बातचीत कर रहा है और जल्द ही एक बहुपक्षीय व्यवस्था की घोषणा कर सकता है।

वैश्विक सहयोग की योजना पर चर्चा
रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन ऐसे देशों को साथ जोड़ने की कोशिश कर रहा है, जिनकी अर्थव्यवस्था ऊर्जा आपूर्ति के लिए इस समुद्री मार्ग पर निर्भर है। योजना के तहत सहयोगी देश अपने नौसैनिक पोत भेजकर क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद कर सकते हैं।
हालांकि अभी तक किसी भी देश ने औपचारिक रूप से इस पहल में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है। सूत्रों का कहना है कि वाशिंगटन इस विषय पर सहयोगी देशों के साथ लगातार संपर्क में है और आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
समुद्री मार्ग में बढ़ी सुरक्षा चिंताएं
हाल के घटनाक्रमों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। रिपोर्टों के अनुसार समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा जोखिम बढ़ने के चलते कई जहाजों की आवाजाही धीमी पड़ गई है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दबाव देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो तेल और गैस की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना उन देशों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो इस मार्ग के जरिए ऊर्जा आयात करते हैं।
उन्होंने संकेत दिया कि कई वर्षों से अमेरिका इस समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा में प्रमुख भूमिका निभाता रहा है। उनका कहना था कि अब अन्य देशों को भी इस जिम्मेदारी में योगदान देना चाहिए, क्योंकि इस मार्ग का उपयोग कई राष्ट्रों की ऊर्जा आपूर्ति के लिए होता है।
सहयोगी देशों से समर्थन की अपील
अमेरिकी नेतृत्व ने कई प्रमुख देशों से इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा में सहयोग की अपील की है। रिपोर्टों के अनुसार चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों से भी इसमें भागीदारी की उम्मीद जताई गई है।
हालांकि फिलहाल इन देशों की ओर से स्पष्ट समर्थन सामने नहीं आया है। कुछ देशों ने स्थिति का आकलन करने और आगे की रणनीति तय करने की बात कही है।
ऑस्ट्रेलिया ने जहाज भेजने से किया इनकार
इसी बीच ऑस्ट्रेलिया ने स्पष्ट किया है कि वह फिलहाल इस क्षेत्र में अपने नौसैनिक जहाज नहीं भेजेगा। ऑस्ट्रेलियाई सरकार की एक वरिष्ठ मंत्री ने एक साक्षात्कार में कहा कि उनके देश से इस तरह की कोई औपचारिक मांग नहीं की गई है और वर्तमान में इस पहल में शामिल होने की योजना नहीं है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया फिलहाल अपनी अलग रणनीति पर काम कर रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। यह फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
अनुमानों के अनुसार दुनिया में समुद्री रास्ते से होने वाले तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देश अपने निर्यात के लिए इस मार्ग पर निर्भर रहते हैं। भारत सहित कई एशियाई देशों की ऊर्जा जरूरतों के लिए भी यह समुद्री मार्ग बेहद अहम माना जाता है।



