PoisonCase – वाराणसी में कारोबारी को दुर्लभ जहर देने का मामला दर्ज
PoisonCase – वाराणसी में एक कारोबारी को कथित तौर पर बेहद खतरनाक और दुर्लभ जहर दिए जाने का मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और स्वास्थ्य महकमे दोनों को सतर्क कर दिया है। कारोबारी की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अलग-अलग शहरों के अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाना पड़ा। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब मुंबई में इलाज के दौरान जांच में उनके शरीर में विषैले तत्व की पुष्टि हुई। इसके बाद परिवार की शिकायत पर वाराणसी में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गुरुग्राम में पहली बार बिगड़ी तबीयत
परिवार के अनुसार, कारोबारी की तबीयत पहली बार फरवरी 2025 के अंत में गुरुग्राम में खराब हुई थी। शुरुआत में उन्हें बुखार, शरीर में दर्द, उल्टी और पैरों में झनझनाहट जैसे सामान्य लक्षण महसूस हुए। हालांकि, कुछ ही दिनों में उनकी हालत बिगड़ने लगी और लक्षण गंभीर होते चले गए। धीरे-धीरे यह समस्या तंत्रिका तंत्र से जुड़ी जटिल स्थिति में बदल गई, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई।
दिल्ली के अस्पतालों में चला इलाज
तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें दिल्ली के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद इलाज शुरू किया। बाद में उन्हें मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। वहां डॉक्टरों को संदेह हुआ कि कारोबारी गुइलेन-बैरे सिंड्रोम जैसी किसी न्यूरोलॉजिकल बीमारी से प्रभावित हो सकते हैं। लेकिन इलाज के दौरान उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिससे डॉक्टरों ने और गहराई से जांच करने का फैसला लिया।
मुंबई में जांच के बाद हुआ खुलासा
हालत गंभीर होने पर कारोबारी को एयरलिफ्ट कर मुंबई के पीडी हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया। यहां विशेषज्ञों ने विस्तृत टॉक्सिकोलॉजी जांच की, जिसमें उनके खून में थैलियम नामक जहरीले तत्व की मौजूदगी पाई गई। इस खुलासे ने पूरे मामले को एक अलग दिशा दे दी, क्योंकि थैलियम एक अत्यंत विषैला और दुर्लभ जहर माना जाता है, जिसकी पहचान शुरुआती चरण में करना आसान नहीं होता।
परिवार ने जताई साजिश की आशंका
कारोबारी की पत्नी की ओर से वाराणसी के कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने जानबूझकर उनके पति को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह जहर दिया हो सकता है। परिवार का कहना है कि इस घटना के पीछे साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस ने इस आधार पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
जहर की प्रकृति ने बढ़ाई जांच की चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार, थैलियम एक ऐसा जहरीला पदार्थ है जिसे पहचानना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण सामान्य न्यूरोलॉजिकल बीमारियों जैसे दिखाई देते हैं। यही कारण है कि कई मामलों में इसकी पुष्टि देर से हो पाती है। इस मामले में भी शुरुआती जांच में बीमारी को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही, जिससे समय पर सही कारण सामने नहीं आ सका।
पुलिस जांच में जुटी, कई पहलुओं पर नजर
वाराणसी पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कारोबारी के संपर्क में आए लोगों, हाल के यात्रा विवरण और अन्य परिस्थितियों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि जहर दिए जाने की आशंका किन परिस्थितियों में उत्पन्न हुई। फिलहाल पुलिस सभी संभावित एंगल को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है।