MeerutProtest – सेंट्रल मार्केट विवाद पर व्यापारियों का विरोध जारी
MeerutProtest – मेरठ के सेंट्रल मार्केट से जुड़ा विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। आवास विकास परिषद की कार्रवाई के खिलाफ व्यापारियों और उनके परिवारों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को भी शास्त्रीनगर के तिरंगा चौक पर महिलाओं, बच्चों और व्यापारियों का धरना जारी रहा। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जताई और प्रशासन से राहत की मांग की। वहीं, तीन दिन तक बाजार बंद रहने के बाद आसपास के कुछ इलाकों में दुकानें धीरे-धीरे खुलनी शुरू हो गई हैं।

महिलाओं और बच्चों की भागीदारी से बढ़ा असर
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी मौजूद रहे, जिससे प्रदर्शन का स्वर और मुखर हो गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कार्रवाई के चलते उनका व्यापार ठप हो गया है और परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। महिलाओं ने भावुक अपील करते हुए प्रशासन से मानवीय आधार पर निर्णय लेने की मांग की।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सक्रियता
इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। स्थानीय विधायक ने संकेत दिया है कि जल्द ही व्यापारियों और महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल लखनऊ जाकर वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेगा। वहीं, सामाजिक संगठनों ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश शुरू कर दी है। संबंधित पक्षों ने इस मामले में कानून बनाने की मांग भी रखी है।
सीलिंग के खिलाफ उठ रही आवाजें
सेंट्रल मार्केट में जिन इमारतों पर सीलिंग की कार्रवाई हुई है, उसे लेकर व्यापारी लगातार विरोध जता रहे हैं। कई संगठनों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि अचानक हुई इस कार्रवाई से कई परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है और उन्हें तत्काल राहत मिलनी चाहिए।
दिल्ली तक जाएगी पैदल न्याय यात्रा
विवाद को लेकर आंदोलन को और तेज करने की तैयारी भी की जा रही है। बुधवार से मेरठ से दिल्ली तक पैदल न्याय यात्रा शुरू होने वाली है। आयोजकों के अनुसार, यह यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए आगे बढ़ेगी और चरणबद्ध तरीके से दिल्ली पहुंचेगी। इस यात्रा के जरिए प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे।
आगे की रणनीति पर व्यापारियों की नजर
व्यापारिक संगठनों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन, घेराव और अन्य शांतिपूर्ण तरीकों से विरोध दर्ज कराने की योजना बनाई जा रही है। इस बीच, व्यापारी प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन से मुलाकात कर अपनी बात रखने की तैयारी में है।
प्रशासन की अपील और कानूनी सलाह
धरना स्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कानून का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विरोध शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए और किसी भी तरह का कदम कानून के दायरे से बाहर नहीं होना चाहिए। साथ ही, प्रशासन ने संवाद के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए जताई पीड़ा
प्रदर्शन के दौरान कुछ कलाकारों ने भजन और गीतों के माध्यम से व्यापारियों की स्थिति को व्यक्त किया। इन प्रस्तुतियों के जरिए लोगों ने अपनी समस्याओं और भावनाओं को साझा किया। साथ ही जनप्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाएं और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आगे आएं।



