RoadAccident – पटना लौटते वक्त हादसे की शिकार हुई समय भाजपा विधायक की कार
RoadAccident – बिहार की सियासी हलचल के बीच मंगलवार सुबह एक गंभीर सड़क हादसा होते-होते बड़ा संकट टल गया। पटना के कुम्हरार से भाजपा विधायक संजय गुप्ता अपने परिवार के साथ पश्चिम बंगाल से लौट रहे थे, तभी बेगूसराय के पास उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जानकारी के मुताबिक, जीरो माइल थाना क्षेत्र के नजदीक एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर कई बार पलटा और सड़क किनारे जा गिरा। हादसा इतना जोरदार था कि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

चुनाव प्रचार से लौटते समय हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि विधायक पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार अभियान में शामिल होने के बाद पटना लौट रहे थे। उन्हें भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेना था, जिसके लिए सभी विधायकों को बुलाया गया था। इसी दौरान सुबह के समय रास्ते में अचानक यह हादसा हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सड़क पर अचानक आई बाधा या ट्रक की तेज गति के कारण यह दुर्घटना हुई।
एयरबैग ने बचाई सभी की जान
इस हादसे में राहत की बात यह रही कि कार के सुरक्षा उपकरण सही समय पर सक्रिय हो गए। टक्कर के तुरंत बाद एयरबैग खुलने से विधायक, उनकी पत्नी और बेटी को गंभीर चोटों से बचाया जा सका। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की सूचना मिलते ही पार्टी के अन्य नेता भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
इलाज के बाद हालत स्थिर
घायलों को पहले बेगूसराय के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए पटना भेज दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, विधायक को सीने में चोट और दर्द की शिकायत है, लेकिन उनकी स्थिति अब नियंत्रण में है। परिवार के अन्य सदस्य भी सुरक्षित बताए जा रहे हैं और किसी को गंभीर खतरा नहीं है।
हादसे की वजह पर जांच जारी
दुर्घटना के कारणों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ट्रक तेज रफ्तार में था और नियंत्रण खो बैठा, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में सड़क पर पहले से पड़ी किसी भारी वस्तु का भी जिक्र है, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
राजनीतिक माहौल के बीच चिंता
यह हादसा ऐसे समय पर हुआ जब बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं। सभी विधायकों की मौजूदगी एक महत्वपूर्ण बैठक के लिए जरूरी थी। ऐसे में इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी चिंता बढ़ा दी। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते सभी की जान बच गई और बड़ा नुकसान टल गया।



