HospitalSafety – एमजीएम अस्पताल में कैदी की कूदकर मौत, सुरक्षा पर सवाल
HospitalSafety – जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब इलाज के दौरान भर्ती एक कैदी ने सातवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। मृतक की पहचान 39 वर्षीय अशोक कुमार महतो के रूप में हुई है, जो पहले से ही गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती था। इस घटना ने एक बार फिर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इलाज के दौरान अचानक उठाया कदम
जानकारी के मुताबिक, अशोक कुमार महतो को कुछ दिन पहले घाघीडीह केंद्रीय कारागार से एमजीएम अस्पताल लाया गया था। उसने जेल में आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसके बाद उसकी सर्जरी की गई थी। इलाज के बाद उसकी स्थिति स्थिर तो हुई, लेकिन पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई थी। शुक्रवार को डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे रिम्स रेफर करने का निर्णय लिया था। इसी बीच, उसे ले जाने की तैयारी के दौरान वह अचानक अपने बेड से उठकर खिड़की की ओर भागा और देखते ही देखते छलांग लगा दी।
पिता के सामने हुआ हादसा
घटना के समय उसका पिता, जो सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, वहीं मौजूद थे। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी भी कैदी की निगरानी में तैनात थे और उसे दूसरे अस्पताल भेजने की प्रक्रिया चल रही थी। हालांकि, सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि कोई भी उसे रोक नहीं सका। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, मरीज का मानसिक उपचार भी चल रहा था, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह मानसिक रूप से तनाव में था।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
एमजीएम अस्पताल में यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में इसी तरह की दो घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जबकि कुछ अन्य मामलों में मरीजों को समय रहते बचा लिया गया था। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया, जिससे अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए।
सुरक्षा इंतजामों की कमी पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि पहले भी अस्पताल प्रशासन ने खिड़कियों में ग्रिल लगाने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अब तक इस दिशा में काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में ऊंची इमारतों वाले वार्डों में मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक रूप से अस्थिर मरीजों के लिए अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं।
प्रशासन ने फिर दोहराई कार्रवाई की बात
अस्पताल प्रशासन ने इस घटना के बाद एक बार फिर संबंधित एजेंसियों को पत्र भेजने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि खिड़कियों में ग्रिल लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए आवश्यक मंजूरी जल्द लेने की कोशिश की जाएगी। वहीं, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।