अंतर्राष्ट्रीय

RussiaIran – बढ़ती नजदीकियों से बदला समीकरण, वैश्विक राजनीति में हलचल

RussiaIran – अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव के बाद अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया समीकरण उभरता दिखाई दे रहा है। रूस और ईरान के बीच बढ़ती नजदीकियां कई देशों के लिए चिंता का विषय बन रही हैं। शांति वार्ता को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है, ऐसे में ईरान ने रूस के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इसी क्रम में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में मॉस्को जाकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की।

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मुलाकात के बाद रूस का खुला समर्थन

इस मुलाकात के बाद पुतिन ने सार्वजनिक रूप से कहा कि रूस, ईरान के साथ खड़ा है और हर संभव सहयोग देने को तैयार है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में हालात पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं। रूस और ईरान के बीच पहले भी रणनीतिक सहयोग रहा है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने इस साझेदारी को और गहरा कर दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की नजदीकियां वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं।

प्रतिबंधों के बीच रूसी यॉट का गुजरना चर्चा में

इसी बीच एक और घटनाक्रम ने ध्यान खींचा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सख्त निगरानी और प्रतिबंधों के बावजूद एक रूसी लग्जरी यॉट ‘नॉर्ड’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने में सफल रही। यह जलमार्ग फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण बेहद संवेदनशील बना हुआ है। शिपिंग डेटा के अनुसार, यह उन कुछ जहाजों में शामिल है जो हालिया प्रतिबंधों के बावजूद इस रास्ते से गुजर पाए हैं।

बताया जा रहा है कि यह यॉट रूसी उद्योगपति अलेक्सी मोर्दाशोव से जुड़ी है, जिन्हें पुतिन के करीबी माना जाता है। हालांकि इस यॉट के सुरक्षित गुजरने के पीछे की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग से जोड़कर देखा जा रहा है।

लग्जरी यॉट ‘नॉर्ड’ की खासियत

‘नॉर्ड’ को दुनिया की बड़ी और अत्याधुनिक यॉट्स में गिना जाता है। करीब 142 मीटर लंबी इस यॉट में कई लग्जरी सुविधाएं मौजूद हैं, जिनमें कई स्टेटरूम, स्विमिंग पूल, हेलिपैड और यहां तक कि एक छोटा पनडुब्बी सिस्टम भी शामिल है। इसकी कीमत सैकड़ों मिलियन डॉलर बताई जाती है। जानकारी के अनुसार, यह यॉट दुबई से रवाना होकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार करते हुए ओमान के मस्कट पहुंची।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ा तनाव

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है। हालिया संघर्ष के बाद ईरान ने इस क्षेत्र में कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं और संकेत दिए हैं कि जब तक तनाव जारी रहेगा, इस रास्ते पर आवागमन प्रभावित रह सकता है। वहीं अमेरिका ने भी इस क्षेत्र में अपनी निगरानी बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच जहाजों पर हमले के आरोप-प्रत्यारोप ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।

ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक असर

इस मार्ग पर बढ़ते तनाव का असर सिर्फ क्षेत्रीय स्तर तक सीमित नहीं है। कई देशों में ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। वैश्विक बाजार पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर दुनिया के बड़े हिस्से में तेल की आपूर्ति होती है। ऐसे में यहां की स्थिति का स्थिर रहना अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

रूस-ईरान संबंधों का विस्तार

रूस और ईरान के बीच सहयोग कोई नया नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में यह संबंध और मजबूत हुए हैं। 2025 में दोनों देशों के बीच सुरक्षा और खुफिया सहयोग को लेकर एक समझौता भी हुआ था। ताजा घटनाओं के बीच रूस का खुला समर्थन यह संकेत देता है कि दोनों देश वैश्विक मंच पर एक-दूसरे के साथ खड़े रहना चाहते हैं।

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