LNGShipment – तनाव के बीच होर्मुज पार कर निकला गैस टैंकर…
LNGShipment – मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ऊर्जा आपूर्ति को लेकर एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। करीब दो महीने से जारी संघर्ष के बाद पहली बार तरलीकृत प्राकृतिक गैस से भरा एक जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने में सफल रहा है। इस टैंकर का नाम ‘मुबारज’ बताया जा रहा है, जिसने संयुक्त अरब अमीरात के दास द्वीप स्थित एडीएनओसी सुविधा से मार्च की शुरुआत में एलएनजी लोड की थी। इस घटना को वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से यह मार्ग लगभग ठप पड़ा था।

रडार से गायब होने के बाद फिर दिखा जहाज
शिपिंग ट्रैकिंग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, यह टैंकर कुछ समय तक खाड़ी क्षेत्र के भीतर ही रुका रहा था। मार्च के अंत में इसने अपना सिग्नल भेजना बंद कर दिया था, जिसके बाद यह लगभग एक महीने तक ट्रैकिंग सिस्टम से ओझल रहा। बाद में अप्रैल के अंतिम सप्ताह में यह फिर से दिखाई दिया, जब यह भारत के पश्चिमी तट के पास नजर आया। फिलहाल यह जहाज भारत के दक्षिणी हिस्से के आसपास से गुजर रहा है और आगे की यात्रा जारी है।
वैश्विक बाजार की नजरें होर्मुज पर टिकीं
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग है। दुनिया की कुल एलएनजी सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। हालिया संघर्ष के कारण इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई और कीमतों में तेजी देखी गई। ऐसे में किसी गैस से भरे जहाज का इस रास्ते से गुजरना बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
सिग्नल बंद करना सुरक्षा रणनीति का हिस्सा
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के संवेदनशील इलाकों में जहाज अक्सर अपनी पहचान छिपाने के लिए ट्रांसपोंडर बंद कर देते हैं। यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया जाता है, ताकि किसी संभावित खतरे से बचा जा सके। कई बार इस क्षेत्र में जानबूझकर सिग्नल बाधित भी किए जाते हैं, जिससे जहाजों की सटीक स्थिति का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। ‘मुबारज’ के मामले में भी यही रणनीति अपनाई गई मानी जा रही है।
चीन की ओर बढ़ रहा है टैंकर
मौजूदा जानकारी के अनुसार, यह टैंकर चीन के एक टर्मिनल की ओर बढ़ रहा है और अनुमान है कि यह मई के मध्य तक अपने गंतव्य तक पहुंच सकता है। हालांकि जहाज के मालिकाना हक रखने वाली कंपनी की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिर भी इसकी यात्रा को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की बहाली के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
पहले कई प्रयास रहे थे असफल
इससे पहले अप्रैल की शुरुआत में एक खाली टैंकर को इस मार्ग से निकलते हुए देखा गया था, लेकिन गैस से भरे जहाज के सफलतापूर्वक पार होने की पुष्टि नहीं हुई थी। कतर से निकलने वाले कई एलएनजी जहाज इस क्षेत्र तक पहुंचे जरूर थे, लेकिन सुरक्षा जोखिमों के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा था। लगातार बने तनाव के चलते जहाज संचालकों के लिए यह मार्ग काफी जोखिम भरा बना हुआ था।
जोखिम के बीच जारी है आपूर्ति की कोशिश
‘मुबारज’ का यह सफर इस बात का संकेत देता है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं। हालांकि क्षेत्र में स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है, लेकिन यह घटनाक्रम आने वाले समय में आपूर्ति व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसे प्रयास जारी रहे, तो धीरे-धीरे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर गतिविधियां फिर से बढ़ सकती हैं।