Recruitment – पारदर्शी नियुक्तियों से बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीर
Recruitment – उत्तर प्रदेश में बीते कुछ वर्षों के दौरान सरकारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में इस बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा कि अब प्रदेश में नौकरियां योग्यता के आधार पर दी जा रही हैं, न कि सिफारिश या रिश्वत के जरिए। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस दूरसंचार विभाग में चयनित प्रधान परिचालकों को नियुक्ति पत्र सौंपे और नई व्यवस्था की पारदर्शिता पर जोर दिया।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रणाली को अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उनका कहना था कि पहले जहां चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते थे, वहीं अब उम्मीदवारों को भरोसा है कि उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन होगा। उन्होंने कहा कि इस बदलाव ने युवाओं में विश्वास पैदा किया है और उन्हें बिना किसी बाहरी दबाव के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का अवसर मिला है।
पुलिस प्रशिक्षण क्षमता में हुआ उल्लेखनीय विस्तार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की प्रशिक्षण व्यवस्था में हुए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल लगभग 3000 पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता थी। हालांकि अब यह क्षमता काफी बढ़ चुकी है और अब तक करीब 60 हजार पुलिस जवानों को प्रदेश के भीतर ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। यह वृद्धि न केवल संसाधनों के विस्तार को दर्शाती है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदमों को भी दिखाती है।
युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिला है। अब उन्हें नौकरी पाने के लिए किसी प्रकार की अनुचित प्रक्रिया का सहारा नहीं लेना पड़ता। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को समान अवसर प्रदान करना है, जिससे वे अपनी प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ सकें। इस दिशा में विभिन्न विभागों में लगातार भर्ती प्रक्रियाएं संचालित की जा रही हैं।
नीतियों और इच्छाशक्ति से आए सकारात्मक परिणाम
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नीयत साफ हो और कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो किसी भी व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव संभव है। उन्होंने इसे प्रदेश में हुए बदलाव का मुख्य कारण बताया। उनका मानना है कि प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता के जरिए ही जनता का भरोसा जीता जा सकता है।
सरकार के इन प्रयासों को राज्य में रोजगार और प्रशासनिक सुधार के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल भर्ती प्रक्रिया में विश्वास बढ़ा है, बल्कि शासन व्यवस्था की विश्वसनीयता भी मजबूत हुई है।