UAEAttack – फुजैरा हमले के बाद भारत ने जताई कड़ी चिंता
UAEAttack – संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा शहर में हुए हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। इस घटना में तीन भारतीय नागरिकों के घायल होने की पुष्टि हुई है। हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के प्रति एकजुटता जताते हुए नागरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की कड़ी आलोचना की है।

फुजैरा में स्थित तेल प्रतिष्ठान पर हुए इस हमले के लिए यूएई ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पहले से ही अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताई संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में घायल भारतीयों के प्रति चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत इस मुश्किल समय में यूएई के साथ खड़ा है और सभी मुद्दों के समाधान के लिए संवाद तथा कूटनीतिक रास्ते का समर्थन करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने एक बार फिर शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है।
हॉर्मुज क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा तनाव
फुजैरा पर हमला ऐसे समय हुआ है जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य गतिविधियां और तनाव बढ़ते जा रहे हैं। यह समुद्री मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वैश्विक तेल और गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।
हाल के दिनों में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों पर भी असर पड़ा है। कई देशों ने क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष को लेकर चिंता जताई है।
अमेरिका और ईरान के दावों में विरोधाभास
अमेरिका ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने दो व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित तरीके से हॉर्मुज क्षेत्र से बाहर निकाला। दूसरी ओर ईरान ने अमेरिकी दावों को गलत बताया है। दोनों देशों के बीच घटनाओं को लेकर लगातार अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं।
इसी बीच ईरान की ओर से अमेरिकी नौसैनिक जहाज को निशाना बनाने का दावा भी किया गया, हालांकि अमेरिका ने इस दावे से इनकार किया है। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों को देखते हुए हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं।
यूएई ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोक दिया। मंत्रालय का कहना है कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
हमले के बाद फुजैरा के तेल बंदरगाह क्षेत्र में आग लगने की भी सूचना है। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी प्रतिक्रिया
फुजैरा हमले की कई देशों ने आलोचना की है। फ्रांस और ब्रिटेन सहित कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों को अस्वीकार्य बताया है। वैश्विक समुदाय ने खाड़ी क्षेत्र में शांति बनाए रखने और तनाव कम करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हॉर्मुज क्षेत्र में हालात और बिगड़ते हैं, तो इसका असर केवल मिडिल ईस्ट ही नहीं बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर इस क्षेत्र में हो रही गतिविधियों पर टिकी हुई है।