AUS vs ENG: तीसरे एशेज टेस्ट के लिए स्क्वॉड से उठा पर्दा, ‘कप्तान’ की एंट्री से हिला क्रिकेट जगत
AUS vs ENG: एशेज सीरीज में 2–0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी ऑस्ट्रेलिया की टीम के लिए एडिलेड टेस्ट से पहले एक शानदार खबर आई है। कप्तान पैट कमिंस को आधिकारिक तौर पर एशेज स्क्वॉड में शामिल कर लिया गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि वह तीसरे टेस्ट में मैदान पर उतरेंगे। शुरुआती दो मुकाबलों से बाहर रहने वाले कमिंस अब पूरी तरह फिटनेस की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे टीम में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। यह खबर ऑस्ट्रेलिया की Momentum को और मजबूत बनाती है।

फिटनेस के रास्ते पर लौटते कमिंस
कमिंस चोट से जूझते हुए भी पर्थ और ब्रिसबेन में लगातार टीम के साथ अभ्यास करते रहे। लंबर बैक स्ट्रेस इंजरी के बाद उन्होंने धीरे-धीरे गेंदबाजी शुरू की और शरीर को टेस्ट मैच की कठोरता के लिए तैयार किया। सिलेक्टर्स ने पहले उन्हें पिंक बॉल टेस्ट के लिए सीमित गेंदबाजी भूमिका में उतारने पर विचार किया था, लेकिन जोखिम को देखते हुए उस समय उन्हें मौका नहीं दिया गया। उन्होंने एलन बॉर्डर फील्ड पर मैच सिमुलेशन किया, जिसमें उन्होंने कई स्पेल फेंककर खुद को थकाऊ परिस्थितियों के लिए तैयार किया। उनकी इस मेहनत से टीम की Preparation और भी मजबूत हुई है।
पांच महीने बाद कप्तान की संभावित वापसी
ऑस्ट्रेलिया के कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने खुलासा किया कि कमिंस की रिकवरी उम्मीद से कहीं ज्यादा तेज रही है। उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट ब्रिसबेन टेस्ट में उन्हें खिलाने को लेकर भी गंभीरता से चर्चा कर रहा था, लेकिन एहतियात बरतते हुए फैसला टाल दिया गया। अब एडिलेड टेस्ट के लिए कमिंस लगभग पूरी तरह तैयार हैं—स्किल्स और फिटनेस दोनों लिहाज से। अगर आने वाले दिनों में कुछ अप्रत्याशित नहीं होता, तो वह निश्चित रूप से टॉस करते हुए नजर आएंगे। यह वापसी ऑस्ट्रेलिया की Leadership को फिर से मजबूती देगी।
गेंदबाजी संयोजन पर सिलेक्टर्स के सामने नई चुनौती
कमिंस की फिटनेस ने जहां टीम को राहत दी है, वहीं सिलेक्टर्स के लिए गेंदबाजी संयोजन को लेकर मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। कमिंस जुलाई में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने आखिरी टेस्ट में खेले थे, जिसके बाद उनके पीठ में दर्द की समस्या बढ़ गई थी। अब उनकी वापसी के बाद यह तय करना आसान नहीं होगा कि तेज गेंदबाजों की रोटेशन किस आधार पर की जाए। ऑस्ट्रेलिया के पास मिचेल स्टार्क, नेसर और स्कॉट बोलैंड जैसे विकल्प मौजूद हैं, और इन सबके बीच कमिंस की उपस्थिति टीम का Balance फिर बदल देगी।
ख्वाजा की वापसी से बल्लेबाजी में नई जंग
सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, बल्लेबाजी क्रम भी सवालों के घेरे में है क्योंकि अनुभवी ओपनर उस्मान ख्वाजा भी वापसी की ओर बढ़ रहे हैं। ख्वाजा पीठ की चोट से उबर रहे हैं और ब्रिसबेन में नेट्स पर उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की। यह संभावना बढ़ गई है कि वह एडिलेड टेस्ट में ओपनिंग करते दिखेंगे। ख्वाजा की मौजूदगी से टॉप ऑर्डर में मजबूती मिलने की उम्मीद है, लेकिन इसके साथ ही सिलेक्टर्स को यह तय करना होगा कि किसे बाहर बैठना होगा। टीम का यह Selection समीकरण एडिलेड टेस्ट का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है।
दोनों टीमों के लिए एडिलेड टेस्ट बनेगा कठिन इम्तिहान
एडिलेड में होने वाला तीसरा टेस्ट (AUS vs ENG) दोनों ही टीमों के लिए चुनौती भरा होगा। एक तरफ ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड चोट के कारण सीरीज से बाहर हो चुके हैं, वहीं इंग्लैंड के स्पीडस्टर मार्क वुड भी घुटने की चोट से बाहर हो गए हैं। इन प्रमुख गेंदबाजों की गैरमौजूदगी मैच को और दिलचस्प बनाएगी क्योंकि दोनों टीमों को अपने आक्रमण में बदलाव करने होंगे। इस परिस्थिति ने मुकाबले की Intensity को और बढ़ा दिया है।
एडिलेड की पिच और रणनीतियों पर टिकी निगाहें
एडिलेड में पिंक बॉल टेस्ट हमेशा खास होता है क्योंकि यहां गेंदबाजों को रात के सत्र में अतिरिक्त स्विंग मिलती है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दोनों ही टीमों को अपनी रणनीतियाँ इसी आधार पर बनानी होंगी। पिंक बॉल के अनुकूल गेंदबाजी अटैक, स्थिर बल्लेबाजी क्रम और ड्रसिंग रूम का माहौल यह तय करेगा कि कौन टीम निर्णायक बढ़त हासिल करती है। कमिंस की वापसी का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टीम का Strategy मजबूत हाथों में आ जाएगा।
एशेज 2025 का स्क्वॉड—कौन देगा टीम को बढ़त?
ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे टेस्ट के लिए 15 सदस्यीय टीम की घोषणा की है, जिसमें कमिंस के अलावा ख्वाजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं। वहीं इंग्लैंड की टीम, बेन स्टोक्स की कप्तानी में, युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण लेकर उतरेगी। दोनों टीमों के स्क्वॉड यह बताते हैं कि मुकाबला बेहद कठिन होने वाला है और कोई भी टीम कमजोरी दिखाना नहीं चाहेगी। अब बस इंतजार है एडिलेड टेस्ट का, जो एशेज की Outcome को काफी हद तक तय कर सकता है।



