उत्तर प्रदेश

UP Sheep Death Case: क्या किसी साजिश का शिकार हुईं बेजुबान भेड़ें, सीएम योगी ने अपनाया कड़ा रुख और बड़ी राहत का किया ऐलान…

UP Sheep Death Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दुबग्गा इलाके में सोमवार की शाम एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने न केवल स्थानीय पशुपालकों को झकझोर दिया बल्कि शासन-प्रशासन की नींद भी उड़ा दी। प्रेरणा स्थल के पास अचानक (Unexplained Animal Deaths) का सिलसिला शुरू हुआ और देखते ही देखते 170 भेड़ों ने दम तोड़ दिया। यह मंजर इतना भयावह था कि हर तरफ पशुपालकों की चीख-पुकार मच गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए इसे अत्यंत गंभीर माना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पशुधन की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इस तरह की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

UP Sheep Death Case
UP Sheep Death Case
WhatsApp Group Join Now

पीड़ित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री का मरहम: 10 हजार रुपये प्रति भेड़ की आर्थिक सहायता

एक गरीब पशुपालक के लिए उसकी भेड़ें केवल जानवर नहीं बल्कि उसकी पूरी जमापूंजी और आजीविका का एकमात्र साधन होती हैं। इस संकट की घड़ी में (Financial Aid for Farmers) की घोषणा करते हुए सीएम योगी ने मृतक भेड़ों (UP Sheep Death Case) के मालिकों को प्रति भेड़ 10 हजार रुपये देने का निर्देश दिया है। वर्तमान में 200 से अधिक भेड़ें अभी भी बीमार हैं, जिनका इलाज युद्धस्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को कड़े निर्देश दिए हैं कि सहायता राशि के वितरण में लालफीताशाही आड़े नहीं आनी चाहिए और यह मदद सीधे पीड़ित परिवारों के हाथों तक तुरंत पहुँचनी चाहिए।

मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए उच्च स्तरीय जांच: क्या यह कोई गहरी साजिश है?

एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत होना कई अनुत्तरित सवाल खड़े करता है। मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग को (High Level Investigation) के सख्त आदेश दिए हैं ताकि मौत के वास्तविक कारणों की पहचान की जा सके। विशेषज्ञों की एक विशेष टीम घटनास्थल का मुआयना कर रही है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह किसी संक्रामक वायरस का प्रकोप है या चारे में किसी जहरीले तत्व की मिलावट। सीएम ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि इस घटना के पीछे किसी की शरारत या प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी जो नजीर बनेगी।

दुबग्गा में पशुपालन विभाग का अलर्ट: संक्रमण रोकने के लिए उठाए जा रहे कदम

घटना के बाद पूरे दुबग्गा क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य टीमों को घर-घर भेजा जा रहा है। (Veterinary Emergency Response) के तहत डॉक्टरों की टीम ने मृत भेड़ों के विसरा सैंपल एकत्र कर लिए हैं और उन्हें गहन फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। स्थानीय प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि संक्रमण का दायरा आगे न बढ़े। अन्य पशुओं का टीकाकरण और स्वास्थ्य परीक्षण तेजी से किया जा रहा है ताकि इस रहस्यमयी बीमारी या जहर के प्रसार को समय रहते रोका जा सके।

स्वच्छता और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर जोर: पशुपालकों में विश्वास बहाली की कोशिश

मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद अब प्रशासन स्वच्छता के कड़े प्रोटोकॉल का पालन करवा रहा है। (Animal Husbandry Department) की टीमें पशुपालकों को जागरूक कर रही हैं कि वे अपने पशुओं के खान-पान और पानी के स्रोतों पर विशेष निगरानी रखें। सीएम योगी की इस त्वरित कार्रवाई ने डरे हुए पशुपालकों के बीच विश्वास की बहाली की है। सरकार का यह कदम यह संदेश देता है कि वह किसानों और छोटे पशुपालकों के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनके आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव प्रयास करने को तत्पर है।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.