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North India Weather Alert 2026: हाड़ कंपाने वाली ठंड ने किया प्रचंड प्रहार, क्या जम जाएगा उत्तर भारत…

North India Weather Alert 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में उत्तर भारत के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। अगले 5 से 7 दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश सहित बिहार और ओडिशा में रात और सुबह के समय (Dense Fog Conditions) की स्थिति बेहद गंभीर रहने वाली है। कोहरे की यह मोटी परत न केवल सड़क और हवाई यातायात को प्रभावित करेगी, बल्कि आम जनजीवन की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा देगी। विभाग ने आगाह किया है कि इस दौरान दृश्यता शून्य के करीब पहुंच सकती है, जिससे यात्रा करना जोखिम भरा होगा।

North India Weather Alert 2026
North India Weather Alert 2026

बिहार में भीषण शीतलहर का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने कड़ाके की ठंड को लेकर विशेष चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 4 और 5 जनवरी को बिहार के कई जिलों में (Severe Cold Wave) का प्रकोप देखा जाएगा। राज्य के कुछ हिस्सों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठिठुरन और बढ़ जाएगी। बिहार के साथ-साथ पंजाब में 4 से 6 जनवरी के बीच और राजस्थान में 8-9 जनवरी को शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम करने की सलाह दी है।

दिल्ली की सुबह और गिरता पारा

देश की राजधानी दिल्ली में भी ठंड ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आया नगर जैसे इलाकों में यह (Minimum Temperature Records) के मुताबिक 8.1 डिग्री तक लुढ़क गया है। दिल्ली के रिज और पालम क्षेत्रों में भी पारा 8 से 9 डिग्री के बीच बना हुआ है। जब तापमान सामान्य से 4.5 से 6.5 डिग्री नीचे चला जाता है, तो उसे आधिकारिक तौर पर शीतलहर घोषित किया जाता है, और दिल्ली फिलहाल उसी दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है।

पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में ठिठुरन

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में ठंड का तांडव जारी है। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान शून्य के नीचे चला गया है, जिससे (High Altitude Snowfall) की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। पहाड़ों में हो रही इस बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। वहां से आने वाली बर्फीली हवाओं ने दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में कनकनी बढ़ा दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ जमने के कारण रास्तों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे पर्यटकों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है।

पंजाब और हरियाणा में कोहरे का तांडव

पंजाब और हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार की सुबह घने कोहरे के साये में रही। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि कोहरे के बावजूद (Winter Visibility Levels) बहुत कम होने पर भी न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर बना हुआ है। हरियाणा का नारनौल 4.5 डिग्री सेल्सियस के साथ मैदानी इलाकों में सबसे ठंडा स्थान रहा। वहीं, चंडीगढ़ और अमृतसर में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है, लेकिन आने वाले दिनों में यहां भी पारा तेजी से गिरने के आसार हैं।

कश्मीर की वादियों में जमी बर्फ और शुष्क मौसम

कश्मीर घाटी में आसमान साफ होते ही रात के तापमान में जबरदस्त गिरावट देखी जा रही है। गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग जैसे प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों पर (Kashmir Winter Temperature) में भारी गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को गुलमर्ग सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां पारा शून्य से 7 डिग्री नीचे चला गया। श्रीनगर में भी तापमान 0.1 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक घाटी में मौसम शुष्क रहेगा, जिससे रात की ठंड और अधिक जानलेवा हो सकती है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी दिखेगा असर

ठंड का यह कहर केवल उत्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान और उत्तरी मध्य प्रदेश में भी इसी तरह की स्थिति बनी रहेगी। राजस्थान में 8 जनवरी के बाद (Rajasthan Cold Wave Alert) प्रभावी होने वाला है, जिससे रेगिस्तानी इलाकों में पाला पड़ने की भी संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में यह उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जो आने वाले एक हफ्ते तक जारी रहेगा।

स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए विशेष परामर्श

भीषण ठंड और कोहरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। (Winter Health Precautions) को अपनाते हुए गर्म तरल पदार्थों का सेवन और ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनना जरूरी है। कोहरे के दौरान वाहनों की हेडलाइट और फॉग लाइट का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करें। शीतलहर के दौरान हृदय और सांस के रोगियों को सुबह की सैर से बचने की सलाह दी गई है क्योंकि ठंडी हवाएं उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं।

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