स्वास्थ्य

Morning Fruit Consumption Guide: सेहत का वरदान या ब्लड शुगर का खतरा, एक्सपर्ट से जानें फल खाने का सही समय और तरीका

Morning Fruit Consumption Guide: नाश्ता हमारे शरीर के लिए ईंधन की तरह काम करता है और सुबह की शुरुआत अगर फलों से हो, तो यह शरीर को दिनभर के लिए ऊर्जावान बनाए रख सकता है। हालांकि, इसे लेकर अक्सर लोगों में डर रहता है कि क्या (Fruits on Empty Stomach) ब्लड शुगर बढ़ा सकते हैं या वजन बढ़ा सकते हैं? मुंबई के जसलोक हॉस्पिटल की न्यूट्रिशनिस्ट सोनल चंदालिया के अनुसार, फल विटामिन, फाइबर और नेचुरल शुगर का खजाना होते हैं। यदि इन्हें सही तरीके से खाया जाए, तो ये थकान मिटाने और दिनभर फ्रेश रखने में सबसे कारगर साबित होते हैं।

Morning Fruit Consumption Guide
Morning Fruit Consumption Guide

एक्सरसाइज और वॉक करने वालों के लिए बेस्ट ‘प्री-वर्कआउट’

जो लोग सुबह जल्दी उठकर वॉक, योग या जिम जाते हैं, उनके लिए फल एक ‘सुपरफूड’ की तरह काम करते हैं। फलों में मौजूद नेचुरल शुगर शरीर को (Instant Energy Booster) प्रदान करती है। भारी नाश्ता करने के बजाय वर्कआउट से पहले एक केला या सेब खाना मांसपेशियों की थकान को कम करता है और आपको लंबे समय तक एक्टिव बनाए रखता है। यह शरीर को जरूरी विटामिन्स देकर इम्युनिटी को भी मजबूत करता है।

इम्युनिटी और हाइड्रेशन के लिए बेस्ट फलों का चुनाव

न्यूट्रिशनिस्ट सोनल चंदालिया के मुताबिक, हमेशा मौसमी फलों को ही प्राथमिकता देनी चाहिए। संतरा और मौसमी जैसे खट्टे फल (Vitamin C Rich Fruits) का बेहतरीन स्रोत हैं, जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। अनार और बेरीज एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो शरीर की अंदरूनी सफाई करते हैं। वहीं, तरबूज और खरबूजा शरीर में पानी की कमी पूरी करते हैं, जबकि केला पोटैशियम का स्तर बनाए रखने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

ब्लड शुगर कंट्रोल रखने का सीक्रेट तरीका

अकेले फल खाने से कुछ लोगों में ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है या एसिडिटी हो सकती है। इससे बचने का सबसे सही तरीका यह है कि फलों को थोड़े से (Dry Fruits and Nuts Combination) जैसे बादाम या अखरोट के साथ खाया जाए। मेवों में मौजूद हेल्दी फैट्स और प्रोटीन फलों की शुगर को धीरे-धीरे पचने में मदद करते हैं। यह तरीका न केवल शुगर लेवल को स्थिर रखता है, बल्कि आपको लंबे समय तक भूख भी नहीं लगने देता।

वजन घटाने में फलों की जादुई भूमिका

फलों में मौजूद नेचुरल शुगर यानी फ्रक्टोज को ‘स्लो शुगर’ कहा जाता है। यह धीरे-धीरे पचती है, जिससे आपको बार-बार मीठा खाने की इच्छा (Reducing Sugar Cravings) नहीं होती। फलों में फाइबर की मात्रा अधिक होने के कारण पेट जल्दी भर जाता है और आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए नाश्ते में फलों का शामिल होना एक स्मार्ट वेट लॉस स्ट्रेटेजी हो सकती है।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान: पोर्शन कंट्रोल है जरूरी

फल भले ही हेल्दी हों, लेकिन इनकी अति नुकसानदेह हो सकती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक बार में एक छोटी कटोरी या (Portion Control for Fruits) के तहत एक सर्विंग पर्याप्त है। खासकर फैटी लिवर या डायबिटीज के मरीजों को बहुत ज्यादा मीठे फल खाने से बचना चाहिए। यदि आपको कोई गंभीर बीमारी है, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह अवश्य लें।

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