स्वास्थ्य

Causes of Drooling While Sleeping: जानें क्या कहते हैं सुबह तकिए पर लार के निशान, किसी गंभीर बीमारी का हो सकते हैं सायरन

Causes of Drooling While Sleeping: अक्सर एक लंबे और थका देने वाले दिन के बाद जब हम बिस्तर पर गिरते हैं, तो शरीर पूरी तरह शिथिल हो जाता है। कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि जब वे सुबह सोकर उठते हैं, तो तकिए पर लार के गीले निशान मिलते हैं। हालांकि यह स्थिति (social embarrassment) या शर्मिंदगी का कारण बन सकती है, लेकिन स्वास्थ्य विज्ञान की दृष्टि से इसके पीछे कई रोचक और महत्वपूर्ण कारण छिपे होते हैं। डॉक्टरी भाषा में इस अवस्था को ‘सियलोरिया’ कहा जाता है, जो कभी सामान्य तो कभी चिंताजनक हो सकती है।

Causes of Drooling While Sleeping
Causes of Drooling While Sleeping

न्यूरोसाइंस के विशेषज्ञों की इस समस्या पर राय

शारदाकेयर हेल्थसिटी के न्यूरोसाइंस विभाग के प्रमुख डॉ. अतामप्रीत सिंह के अनुसार, नींद में कभी-कभी लार निकलना (Causes of Drooling While Sleeping) एक सामान्य प्रक्रिया है। जब हम गहरी नींद में होते हैं, तो हमारे चेहरे की मांसपेशियां पूरी तरह से रिलैक्स हो जाती हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति (incorrect sleeping posture) या गलत मुद्रा में सोता है, तो लार का बाहर निकलना स्वाभाविक है। लेकिन यदि यह सिलसिला हर रात जारी रहे, तो इसे नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ साबित हो सकता है।

मस्तिष्क संबंधी विकारों का एक मूक संकेत

क्या आप जानते हैं कि मुंह से लार का गिरना आपके दिमाग की सेहत से भी जुड़ा हो सकता है? जब मस्तिष्क मांसपेशियों पर अपना नियंत्रण खोने लगता है, तो निगलने की क्षमता प्रभावित होती है। पार्किंसंस, सेरेब्रल पाल्सी या (neurological disorders management) की कमी जैसी स्थितियों में व्यक्ति को पता भी नहीं चलता और सोते समय लार बहने लगती है। स्ट्रोक या ऑटिज्म से जूझ रहे लोगों में भी यह समस्या काफी प्रमुखता से देखी जाती है, जिसके लिए डॉक्टरी परामर्श अनिवार्य है।

इंफेक्शन और साइनस की वजह से बढ़ती परेशानी

कई बार हमारे गले या नाक में होने वाला संक्रमण भी इस समस्या की जड़ होता है। टॉन्सिलिटिस या साइनस इंफेक्शन के कारण जब सांस लेने के रास्ते में रुकावट आती है, तो व्यक्ति मजबूरी में मुंह से सांस लेने लगता है। इस (respiratory infection symptoms) के दौरान मुंह खुला रहने से लार ग्रंथियां अधिक सक्रिय हो जाती हैं और तरल पदार्थ बाहर निकलने लगता है। यदि आपके गले में लगातार खराश रहती है, तो यह भी लार टपकने का एक बड़ा कारण हो सकता है।

एलर्जी और शरीर की रक्षा प्रणाली का रिस्पॉन्स

यदि आपको धूल, मिट्टी या किसी खास खाद्य पदार्थ से एलर्जी है, तो आपका शरीर प्रतिक्रिया स्वरूप अधिक लार पैदा कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि (allergic reaction triggers) के संपर्क में आने पर लार ग्रंथियां विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए तेजी से काम करती हैं। यही कारण है कि एलर्जी से पीड़ित व्यक्ति जब सोता है, तो उसके मुंह के किनारे से लार का रिसाव होने लगता है, जो शरीर की एक डिफेंस मैकेनिज्म का हिस्सा है।

बंद नाक और मुंह से सांस लेने की मजबूरी

सर्दी-जुकाम या साइनस की वजह से जब नाक के रास्ते बंद हो जाते हैं, तो नींद के दौरान शरीर ऑक्सीजन के लिए मुंह का सहारा लेता है। लंबे समय तक (nasal congestion relief) न मिलने पर यह आदत बन जाती है। जब मुंह खुला रहता है, तो लार को निगलने की प्राकृतिक प्रक्रिया रुक जाती है और वह बाहर की ओर बहने लगती है। ऐसे में भाप लेना या नाक को साफ रखना इस समस्या का सबसे प्राथमिक और कारगर घरेलू उपचार माना जाता है।

पेट की एसिडिटी और लार का गहरा संबंध

पाचन तंत्र की गड़बड़ी भी तकिए को गीला करने के लिए जिम्मेदार हो सकती है। जिन लोगों को अक्सर गैस या एसिड रिफ्लक्स की समस्या रहती है, उनके शरीर में एसिड को न्यूट्रलाइज करने के लिए अधिक मात्रा में लार बनती है। इस (gastric acidity issues) के कारण सोते समय मुंह में पानी भर जाता है और वह लार के रूप में बाहर निकल आता है। रात को हल्का खाना खाने और एसिडिटी का इलाज करने से इस समस्या में काफी राहत मिल सकती है।

कैसे पाएं इस असहज स्थिति से छुटकारा

इस समस्या को रोकने के लिए सबसे पहला कदम अपने सोने के तरीके को बदलना है। यदि आप पेट के बल या करवट लेकर सोते हैं, तो (sleeping on back) की आदत डालें, जिससे लार गले के रास्ते नीचे चली जाए। साथ ही, शरीर को हाइड्रेटेड रखना भी जरूरी है क्योंकि पानी की कमी से लार गाढ़ी और अधिक चिपचिपी हो सकती है। सोने से पहले नाक को साफ करने के लिए स्टीम लेना भी एक बेहतरीन उपाय साबित हो सकता है।

दवाओं के साइड इफेक्ट्स पर भी रखें नजर

कई बार हम कुछ ऐसी दवाओं का सेवन कर रहे होते हैं जिनका सीधा असर हमारी लार ग्रंथियों पर पड़ता है। यदि आप अवसाद, नींद की कमी या किसी अन्य मानसिक समस्या की (medication side effects) वाली दवाएं ले रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करें। कुछ दवाएं लार के उत्पादन को बढ़ा देती हैं, जिन्हें डॉक्टर की सलाह पर बदला या उनकी खुराक को नियंत्रित किया जा सकता है।

कब हो जाना चाहिए सावधान और कब लें डॉक्टरी सलाह

लार टपकना तब तक सामान्य है जब तक यह कभी-कभार हो, लेकिन यदि इसके साथ आपको सांस लेने में तकलीफ या कुछ निगलने में दर्द महसूस हो रहा है, तो सतर्क हो जाएं। यदि आपकी (sleep quality improvement) में बाधा आ रही है या आप बार-बार जाग रहे हैं, तो यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्वास्थ्य के प्रति कोई भी लापरवाही भविष्य में बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है।

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