North India Severe Cold Wave Alert: उत्तर भारत में कुदरत का कहर, शून्य के नीचे लुढ़का पारा, जम गई बर्फ और कांप उठे पहाड़
North India Severe Cold Wave Alert: उत्तर भारत के राज्यों में इस वक्त कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बर्फीली हवाओं के चलते कई शहरों में पारा शून्य के करीब या उससे भी नीचे पहुंच गया है, जिससे मैदानों में पहाड़ों जैसी ठंड का अहसास हो रहा है। मौसम विभाग यानी (IMD Weather Forecast 2026) ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले कुछ दिनों तक भीषण शीतलहर और घने कोहरे का यह सितम थमने वाला नहीं है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

गुरुग्राम और फतेहपुर में जमा देने वाली रात और बर्फ की चादर
हरियाणा और राजस्थान के कुछ इलाकों में कुदरत का सबसे क्रूर चेहरा देखने को मिला है, जहां तापमान न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। गुरुग्राम में पारा 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राजस्थान के फतेहपुर (सीकर) में यह शून्य से भी 0.4 डिग्री नीचे चला गया। इस (Sub Zero Temperature Cities) की वजह से सुबह के वक्त खेतों, घास और गाड़ियों के शीशों पर बर्फ की सफेद परत जमी हुई दिखाई दी, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए।
दिल्ली में शीतलहर का डबल अटैक और ठिठुरती राजधानी
देश की राजधानी दिल्ली भी ठंड के इस प्रचंड प्रहार से अछूती नहीं रही और यहां लगातार दूसरे दिन गंभीर शीतलहर का प्रकोप जारी रहा। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.2 डिग्री कम है और साल 2023 के बाद जनवरी का सबसे ठंडा दिन माना जा रहा है। (Delhi Winter Record 2026) के आंकड़े बताते हैं कि मंगलवार को भी कोहरा छाया रहेगा और तापमान 4 से 20 डिग्री के बीच रहने की संभावना है, जिससे दिल्लीवासियों को फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली।
राजस्थान के रेगिस्तान में बर्फीली हवाओं का तांडव
राजस्थान के कई जिलों में रात का तापमान आठ डिग्री से नीचे रहने के कारण जनजीवन पूरी तरह ठहर सा गया है। फतेहपुर के बाद बीकानेर का लूणकरणसर और चूरू जैसे इलाके सबसे ठंडे स्थान बनकर उभरे हैं, जहां पारा 0.4 से 1.3 डिग्री के बीच झूल रहा है। राज्य में चल रही (Rajasthan Cold Wave Impact) ने खेतों में खड़ी फसलों को भी प्रभावित किया है और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए रेड अलर्ट और स्वास्थ्य की चेतावनी
भीषण ठंड और कोहरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मौसम विभाग ने विशेष एडवायजरी जारी की है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को घरों के भीतर रहने और पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है क्योंकि (Winter Health Safety Tips) का पालन न करने पर सांस और हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ जैसे राज्य भी इस वक्त रेड जोन में हैं, जहां अलाव ही लोगों का एकमात्र सहारा बना हुआ है।
किसानों की बढ़ी चिंता और फसलों को बचाने की जद्दोजहद
ठंड का यह मिजाज किसानों के लिए मिली-जुली चुनौती लेकर आया है, जहां गेहूं की फसल के लिए ओस फायदेमंद है, वहीं सरसों और सब्जियों पर पाला गिरने का खतरा बढ़ गया है। कृषि वैज्ञानिकों ने (Crop Protection in Winter) के लिए किसानों को खेतों में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है ताकि जमीन का तापमान स्थिर रहे और पाले से फसलें बर्बाद न हों। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, प्रयागराज और मेरठ जैसे जिलों में भी किसानों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।
कश्मीर में जमी डल झील और हिमाचल में बर्फबारी का इंतज़ार
पहाड़ी राज्यों की बात करें तो कश्मीर में कड़ाके की ठंड के कारण विश्व प्रसिद्ध डल झील के कई हिस्से पूरी तरह जम गए हैं। पुलवामा में पारा शून्य से 6.5 डिग्री नीचे चला गया है, जो घाटी का सबसे ठंडा कोना बना हुआ है। वहीं, (Himachal Pradesh Snowfall Prediction) के अनुसार 16 जनवरी से चंबा सहित सात जिलों में भारी बर्फबारी होने का अनुमान है, जिसके लिए प्रशासन ने येलो अलर्ट जारी कर पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
कोहरे का यातायात पर असर और अगले तीन दिनों का पूर्वानुमान
घने कोहरे के कारण उत्तर भारत की सड़कों और रेल पटरियों पर रफ्तार धीमी हो गई है, कई ट्रेनें और उड़ानें देरी से चल रही हैं। चंडीगढ़ मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक (Severe Winter Conditions Forecast) जारी रहेगी और उसके बाद ही तापमान में कुछ सुधार की उम्मीद की जा सकती है। तब तक उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के निवासियों को इस हाड़ कंपाने वाली ठंड का सामना करना पड़ेगा।



