झारखण्ड

Ranchi Anti Encroachment Drive: अतिक्रमणकारियों के अवैध साम्राज्य पर चला बुलडोजर, फुटपाथ कब्जाने वालों का सामान जब्त

Ranchi Anti Encroachment Drive: झारखंड की राजधानी रांची के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार रातू रोड पर शुक्रवार को नगर निगम का भारी-भरकम लाव-लश्कर उतरा। निगम की इन्फोर्समेंट टीम ने सुबह से ही अपनी आक्रामक रणनीति के तहत (Urban Management Strategy) को लागू करते हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की। न्यू मार्केट चौक से लेकर पिस्का मोड़ तक करीब पांच घंटे से भी अधिक समय तक चली इस कार्रवाई ने सड़क किनारे अवैध कब्जा जमाए बैठे दुकानदारों के बीच खलबली मचा दी।

Ranchi Anti Encroachment Drive
Ranchi Anti Encroachment Drive

अवैध निर्माण पर गरजा नगर निगम का दस्ता

अभियान के दौरान टीम ने सड़क के एक छोर को पूरी तरह से साफ करने का लक्ष्य रखा था। कार्रवाई के दौरान 50 से अधिक ऐसी संरचनाओं को चिन्हित कर ध्वस्त किया गया जो पूरी तरह से अवैध थीं। कई बड़े दुकानदारों ने अपने (Business Premises Expansion) के चक्कर में मुख्य सड़क की सीढ़ियों और फुटपाथ पर कब्जा कर रखा था। निगम के बुलडोजर ने इन पक्के निर्माणों को पल भर में ढाह दिया, जिससे सड़क की चौड़ाई फिर से अपने असली स्वरूप में लौट आई।

जब्त हुआ दो दर्जन दुकानों का सामान

निगम की टीम सिर्फ निर्माण ढाहने तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि सड़क जाम करने वाले सामानों की भी जमकर जब्ती की गई। अभियान के दौरान दो दर्जन से अधिक ठेला-खोमचा, स्टील के काउंटर, लोहे के चदरे और बेंच-कुर्सी जैसे सामानों को (Seized Property List) में शामिल कर ट्रकों में लाद दिया गया। बांस-बल्ली और सड़क तक निकले हुए ऊंचे शेडों को भी कटर की मदद से काटकर हटा दिया गया ताकि यातायात में कोई बाधा न आए।

विरोध करने वालों को टीम ने दिखाया आईना

जब निगम का दस्ता भारी पुलिस बल के साथ दुकानों के बाहर पहुंचा, तो कई जगह स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों ने हंगामा करने और काम रोकने का प्रयास किया। हालांकि, इन्फोर्समेंट टीम के अधिकारियों ने (Enforcement Team Action) के वैधानिक पहलुओं को स्पष्ट करते हुए उन्हें चेताया। अधिकारियों ने साफ कहा कि सड़क जनता की है और व्यक्तिगत फायदे के लिए इसे बाधित करना कानूनन अपराध है। सख्ती देख विरोध करने वाले लोग पीछे हटने पर मजबूर हो गए।

नालियों पर कब्जा करने वालों को अंतिम चेतावनी

निगम की टीम ने पाया कि कई दुकानदारों ने नालियों के ऊपर स्लैब डालकर या अपना सामान रखकर जल निकासी की व्यवस्था को चोक कर दिया था। अधिकारियों ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी कि यदि दोबारा (Drainage Maintenance Guidelines) का उल्लंघन पाया गया, तो भारी जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नालियों पर रखे गए भारी भरकम स्टील के काउंटरों और लोहे के स्ट्रक्चर को मौके पर ही हटवाया गया।

फुटपाथ मुक्त रखने का निगम का संकल्प

रांची नगर निगम का यह अभियान शहर को व्यवस्थित और जाम मुक्त बनाने की एक बड़ी कड़ी का हिस्सा है। निगम अधिकारियों के अनुसार, फुटपाथ केवल पैदल चलने वालों के लिए हैं और वहां किसी भी प्रकार का (Public Path Clearance) सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। व्यापारियों को हिदायत दी गई है कि वे अपनी दुकानों की लक्ष्मण रेखा पार न करें, अन्यथा उनका सामान दोबारा कभी वापस नहीं किया जाएगा और उन पर आर्थिक दंड भी लगेगा।

जाम से मुक्ति दिलाने की दिशा में बड़ा कदम

रातू रोड पर अतिक्रमण की वजह से रोजाना हजारों वाहन चालकों को घंटों जाम से जूझना पड़ता था। इस सफल अभियान के बाद यातायात के प्रवाह में (Traffic Flow Improvement) की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय निवासियों ने निगम के इस कदम की सराहना की है, क्योंकि सड़क किनारे हुए अवैध निर्माण की वजह से पैदल चलना भी दूभर हो गया था। अब मुख्य सड़क पहले के मुकाबले काफी चौड़ी और साफ नजर आ रही है।

रुकने वाला नहीं है अतिक्रमण के खिलाफ यह युद्ध

निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि यह महज एक दिन की कार्रवाई नहीं है। आने वाले दिनों में रांची के अन्य प्रमुख मार्गों जैसे मेन रोड, लालपुर और धुर्वा इलाकों में भी इसी तरह का (Civic Infrastructure Protection) अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन की योजना है कि शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों को ‘नो एनक्रोचमेंट जोन’ के रूप में विकसित किया जाए, ताकि राजधानी की खूबसूरती और रफ्तार दोनों बनी रहे।

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