Shashi Tharoor news: कांग्रेस में शशि थरूर की नाराजगी के संकेत, बड़ी बैठक से दूरी की अटकलें तेज
Shashi Tharoor news: कांग्रेस सांसद शशि थरूर और पार्टी नेतृत्व के बीच एक बार फिर दूरी बढ़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शशि थरूर कांग्रेस की आने वाली एक अहम बैठक से खुद को दूर रख सकते हैं। हालांकि इस मुद्दे पर अभी तक न तो थरूर की ओर से और न ही पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है। इसके बावजूद सूत्रों के हवाले से सामने आ रही जानकारियों ने कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

सम्मान को लेकर नाराजगी की चर्चा
बताया जा रहा है कि शशि थरूर हाल ही में केरल में हुए एक बड़े पार्टी कार्यक्रम के दौरान मिले व्यवहार से असंतुष्ट हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्हें यह महसूस हुआ कि पार्टी स्तर पर उनके कद और भूमिका के अनुरूप सम्मान नहीं दिया गया। यही वजह है कि अब वह कांग्रेस की अगली बड़ी बैठक से दूरी बनाने पर विचार कर रहे हैं। इससे पहले भी कई मौकों पर थरूर पार्टी की बैठकों में गैरमौजूद रहे हैं, जिसे लेकर सवाल उठते रहे हैं।
कोच्चि कार्यक्रम से जुड़ा पूरा मामला
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की 19 जनवरी को हुई कोच्चि यात्रा के दौरान शशि थरूर को अपेक्षित महत्व नहीं मिला। इसी दिन केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की महापंचायत का आयोजन किया गया था, जिसमें पार्टी के कई बड़े नेता मौजूद थे। बताया जाता है कि इस कार्यक्रम में थरूर कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य होने के बावजूद मंच से काफी दूर बैठे नजर आए, जिसे उन्होंने अपमानजनक माना।
भाषण को लेकर पहले से दिए गए निर्देश
न्यूज18 की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि कार्यक्रम से पहले ही शशि थरूर को यह जानकारी दे दी गई थी कि राहुल गांधी मुख्य वक्ता होंगे और अन्य नेताओं को सीमित समय में अपनी बात रखनी होगी। इन निर्देशों का पालन करते हुए थरूर ने भी अपना संबोधन जल्दी समाप्त किया था। इसके बावजूद, कार्यक्रम के दौरान जिस तरह से घटनाक्रम आगे बढ़ा, उसने उनकी नाराजगी को और बढ़ा दिया।
राहुल गांधी के भाषण पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान मंच पर मौजूद कई नेताओं का नाम लिया, लेकिन शशि थरूर का जिक्र नहीं किया। पार्टी के अंदर इसे एक बड़ी चूक के तौर पर देखा जा रहा है। थरूर समर्थकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले और पार्टी के वरिष्ठ नेता का इस तरह नजरअंदाज किया जाना स्वाभाविक रूप से नाराजगी का कारण बन सकता है।
पहले भी दिख चुकी है दूरी
यह पहली बार नहीं है जब शशि थरूर और कांग्रेस नेतृत्व के बीच मतभेद की खबरें सामने आई हों। इससे पहले भी वह कई अहम बैठकों और कार्यक्रमों से दूरी बनाते रहे हैं। हालांकि हर बार उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट किया है कि वह पार्टी लाइन से अलग नहीं हैं और कांग्रेस के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कायम है। हाल ही में भी उन्होंने कहा था कि उनके विचारों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
कांग्रेस के लिए क्यों अहम है यह मुद्दा
शशि थरूर न केवल केरल बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी एक प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं। उनकी छवि एक पढ़े-लिखे, अंतरराष्ट्रीय अनुभव वाले और स्पष्ट वक्ता नेता की है। ऐसे में पार्टी के भीतर उनकी नाराजगी कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदेह साबित हो सकती है, खासकर ऐसे समय में जब संगठन एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहा है।
आगे क्या होगा, इस पर नजर
फिलहाल यह साफ नहीं है कि शशि थरूर वास्तव में कांग्रेस की अगली बड़ी बैठक में हिस्सा लेंगे या नहीं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अंदरूनी स्तर पर संवाद की कोशिशें जारी हैं और मामला सुलझाया जा सकता है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह दूरी और बढ़ती है, तो इसका असर कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर साफ दिखाई देगा।



