Bihar Home Guard Training Casualty: पासिंग आउट परेड से पहले ही बुझ गया घर का चिराग, हाई जंप ने ले ली जान
Bihar Home Guard Training Casualty: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाना अंतर्गत मकसूदपुर गांव में आज मातम पसरा हुआ है। गांव के एक होनहार युवक राजू कुमार, जो हाल ही में होमगार्ड के रूप में नियुक्त हुआ था, की औरंगाबाद में ट्रेनिंग के दौरान (tragic accident) के कारण मृत्यु हो गई। यह घटना उस समय हुई जब राजू अपने सुनहरे भविष्य के सपने बुन रहा था और देश सेवा के लिए खुद को तैयार कर रहा था। परिवार को जैसे ही इस अनहोनी की खबर मिली, पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पासिंग आउट परेड की तैयारी बनी जानलेवा
25 वर्षीय राजू कुमार 2025 बैच का नवनियुक्त होमगार्ड जवान था। वह पिछले कुछ महीनों से औरंगाबाद के मदनपुर स्थित सीआरपीएफ कैंप में अपनी कठिन ट्रेनिंग पूरी कर रहा था। आगामी 8 जनवरी को उसकी (passing out parade) होनी तय थी, जिसके बाद वह आधिकारिक तौर पर अपनी सेवाएं शुरू करने वाला था। इसी गौरवशाली दिन की तैयारी के लिए वह मंगलवार को मैदान में जी-जान से जुटा हुआ था। किसे पता था कि यह अभ्यास सत्र उसके जीवन का अंतिम पड़ाव साबित होगा।
हाई जंप के दौरान हुआ भीषण हादसा
हादसा उस वक्त हुआ जब राजू अपने साथियों के साथ ग्राउंड में प्रैक्टिस कर रहा था। अभ्यास के दौरान जैसे ही उसने हाई जंप (high jump injury) लगाई, उसका संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर काफी बुरी तरह गिर पड़ा। गिरने के साथ ही उसे गंभीर आंतरिक चोटें आईं, जिससे वह वहीं अचेत हो गया। मैदान में मौजूद अन्य जवानों और प्रशिक्षकों ने तुरंत उसे संभाला और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की, लेकिन उसकी स्थिति बिगड़ती चली गई।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें
राजू को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मदनपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे (emergency medical care) के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने गहन जांच की, लेकिन अफसोस कि राजू की सांसें पहले ही थम चुकी थीं। सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वर्दी पहनने की चाहत रखने वाले एक युवा का सफर इतनी जल्दी और इस तरह समाप्त हो जाएगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।
मृतक जवान के परिवार में मचा कोहराम
राजू कुमार मकसूदपुर निवासी राम निहोरा सिंह का मंझला बेटा था। उसके पिता और भाइयों को राजू से बहुत उम्मीदें थीं। वह 28 अगस्त की रात को ही (recruitment training) के लिए मदनपुर रवाना हुआ था। घर से विदा होते समय उसने वादा किया था कि वह पासिंग आउट परेड के बाद वर्दी पहनकर घर लौटेगा। आज जब उसकी मौत की खबर घर पहुंची, तो पूरा परिवार सदमे में डूब गया। मां की चीखें और पिता की बेबसी देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
मदनपुर कैंप में चल रहा था सघन प्रशिक्षण
वर्तमान में मदनपुर सीआरपीएफ कैंप में कुल 244 जवान प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस बैच में मुजफ्फरपुर के 176 और सीतामढ़ी के 68 (young recruits) शामिल हैं। यह सभी जवान 8 जनवरी के बड़े कार्यक्रम के लिए पसीना बहा रहे हैं। राजू की मौत के बाद कैंप में भी शोक की लहर है। उसके साथी जवानों ने बताया कि राजू एक ऊर्जावान और मिलनसार व्यक्ति था, जो हमेशा अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पित रहता था।
विभागीय कार्रवाई और कमांडेंट का बयान
होमगार्ड के डिविजनल कमांडेंट आमिर इसरार ने इस घटना की पुष्टि करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा (official procedure) के तहत मृतक जवान के परिजनों को तत्काल सूचना दे दी गई है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि विभाग इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है और नियमानुसार जो भी सहायता होगी, वह प्रदान की जाएगी। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि अभ्यास के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना ध्यान रखा गया था।
अधूरे रह गए देश सेवा के संकल्प
राजू का जाना केवल एक परिवार की क्षति नहीं है, बल्कि बिहार पुलिस और होमगार्ड विभाग ने एक समर्पित होने वाले जवान को खो दिया है। एक गरीब परिवार का बेटा कड़ी मेहनत के दम पर (government job) हासिल कर पाया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अब गांव वाले और परिजन राजू के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उसे अंतिम विदाई दी जा सके। यह घटना खेल और सैन्य प्रशिक्षण के दौरान होने वाली सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।



