Bihar Transport Minister Inspection: खंडहर नहीं बनेगा बिहारशरीफ का बस स्टैंड, मंत्री श्रवण कुमार ने किया बड़ा ऐलान
Bihar Transport Minister Inspection: बिहार की परिवहन व्यवस्था को एक नई दिशा देने के उद्देश्य से सोमवार की सुबह एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। राज्य के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित मुख्य सरकारी बस स्टैंड का औचक और व्यापक निरीक्षण किया। बस स्टैंड की वर्तमान बदहाली को देखकर मंत्री ने अपनी नाराजगी जाहिर की और स्थानीय जनता को (Infrastructure Development) का अटूट भरोसा दिलाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐतिहासिक शहर बिहारशरीफ का यह बस स्टैंड अब उपेक्षा का शिकार नहीं रहेगा और जल्द ही यहाँ आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

डिपो कार्यालय से लेकर परिसर तक की बदहाली का जायजा
निरीक्षण के दौरान डिपो इंचार्ज और जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) भी मंत्री के साथ मौजूद रहे। मंत्री श्रवण कुमार ने कार्यालय के दस्तावेजों से लेकर परिसर की दीवारों तक का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने पाया कि (Staff Shortage Problems) के कारण संचालन में काफी दिक्कतें आ रही हैं और वर्तमान में केवल 41 बसों का ही परिचालन हो पा रहा है। मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यह परिसर किसी खंडहर की तरह प्रतीत हो रहा है, जिसे अब पूरी तरह से पुनर्विकसित किया जाएगा ताकि यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव मिल सके।
मुख्यमंत्री परिवहन योजना से गांव-गांव तक पहुंचेगी बस सेवा
परिवहन मंत्री ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को गिनाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सपना परिवहन विभाग की सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। उन्होंने जानकारी दी कि (Chief Minister Transport Scheme) के अंतर्गत अब प्रखंड से जिला मुख्यालय तक सात-सात नई बसें उपलब्ध कराई जा रही हैं। यही नहीं, ग्राम पंचायतों को प्रखंडों से जोड़ने के लिए भी बड़े पैमाने पर लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों के छात्रों और किसानों को शहर आने-जाने में कोई असुविधा न हो।
पटना से राजगीर और रजौली के लिए नए बस रूटों का तोहफा
निरीक्षण के बाद मंत्री ने नालंदा और आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए दो महत्वपूर्ण नए बस मार्गों की घोषणा की। पहला मार्ग राजधानी पटना से दनियावां होते हुए बिहारशरीफ और फिर राजगीर तक जाएगा। वहीं दूसरा मार्ग (Public Transport Routes) के तहत पटना से हिलसा, इस्लामपुर और राजगीर होते हुए हिसुआ और रजौली तक संचालित होगा। मंत्री ने बताया कि इन रूटों का तकनीकी सर्वे और वर्कआउट पूरा हो चुका है, और बहुत जल्द इन सड़कों पर सरकारी बसों का शोर सुनाई देगा।
पीपीपी मोड और सुरक्षित यात्रा पर सरकार का जोर
बसों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार अब नई रणनीति पर काम कर रही है। मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि राज्य के सभी प्रमुख मार्गों, विशेषकर पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर (PPP Mode Operations) के माध्यम से बसों का परिचालन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ बिहार राज्य सड़क परिवहन निगम (BSRTC) सक्षम है, वहाँ वह स्वयं बसें चलाएगा, अन्यथा निजी ऑपरेटरों के साथ मिलकर बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा प्रदान करना है।
टेम्पो के किराए में लग्जरी बस का सफर
किराए की बात करते हुए मंत्री ने एक दिलचस्प तुलना की। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों का किराया (Affordable Bus Fare) के मामले में टेम्पो से भी कम है। कम खर्च में बेहतर और सुरक्षित यात्रा सरकारी बसों की पहचान है। मंत्री ने जनता से अपील की कि वे सरकारी बसों का अधिक से अधिक उपयोग करें, क्योंकि इसमें सुरक्षा के साथ-साथ जेब पर भी बोझ कम पड़ता है। यात्रियों की सुविधाओं के लिए बसों के रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
दिल्ली जाने वालों के लिए खुशखबरी और पुरानी सेवाओं की बहाली
बिहारशरीफ से दिल्ली के लिए जो बस सेवा पहले संचालित होती थी और किन्हीं कारणों से बंद हो गई थी, उसे दोबारा शुरू करने की योजना बन रही है। मंत्री ने कहा कि (Interstate Bus Service) को पुनर्जीवित करने के लिए विभाग विचार-विमर्श कर रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कुछ समय में व्यवस्था में कुछ कमियाँ आई हैं, लेकिन सरकार उन सभी कमियों को दूर कर दिल्ली जैसे लंबी दूरी के शहरों के लिए भी सीधी कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
वर्तमान में इन प्रमुख शहरों के लिए उपलब्ध है बस सुविधा
बिहारशरीफ बस स्टैंड फिलहाल राज्य के कई महत्वपूर्ण हिस्सों के लिए लाइफलाइन बना हुआ है। यहाँ से (Bihar State Road Transport) की बसें मुंगेर, जमुई, नवादा, राजगीर और शेखपुरा के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के बोकारो और रांची जैसे शहरों के लिए भी उपलब्ध हैं। मंत्री के इस दौरे और नए वादों के बाद उम्मीद जगी है कि बिहारशरीफ का यह बस स्टैंड बहुत जल्द अपनी पुरानी रौनक वापस पा लेगा और नालंदा के विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगा।



