BiharDevelopment – बिहार में रोजगार बढ़ाने और पलायन रोकने की योजना पर जोर
BiharDevelopment – बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा माहौल तैयार करना है जिसमें रोजगार के लिए बिहार के युवाओं को दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले वर्षों में राज्य में उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं लागू की जाएंगी। मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार ने एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत उद्योग-धंधों को बढ़ावा दिया जाएगा और युवाओं को अपने ही राज्य में काम के अवसर मिलेंगे।

समृद्धि यात्रा के दौरान विकास योजनाओं की शुरुआत
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को अपनी समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण की शुरुआत करते हुए सुपौल और मधेपुरा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की और लोगों को संबोधित किया। सुपौल जिले के निर्मली प्रखंड में उन्होंने निर्मली रिंग बांध के जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण किया। इसके बाद निर्मली अनुमंडल कार्यालय के सामने लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का भी अवलोकन किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 569 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 129 योजनाओं का उद्घाटन किया और 84 नई योजनाओं का शिलान्यास किया। इन योजनाओं में बुनियादी ढांचे के विकास, ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
मधेपुरा में पुलिस लाइन भवन और योजनाओं का लोकार्पण
सुपौल के कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से मधेपुरा पहुंचे। यहां पुलिस लाइन परिसर में बने प्रशासनिक और आवासीय भवनों का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही 215.52 करोड़ रुपये की लागत वाली 158 विकास योजनाओं का भी लोकार्पण किया गया।
मधेपुरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कृषि, शिक्षा, जीविका और अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। इसके बाद वह सड़क मार्ग से बीएन मंडल विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस मैदान में बने संवाद स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने पिछले लगभग दो दशकों में लागू सात निश्चय योजना और सात निश्चय पार्ट-2 के तहत किए गए कार्यों का उल्लेख किया।
अररिया और किशनगंज में अगले चरण के कार्यक्रम
समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री बुधवार को अररिया और किशनगंज का दौरा करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह सुबह करीब 10:45 बजे अररिया पहुंचेंगे, जहां लगभग 545.89 करोड़ रुपये की लागत वाली 68 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा।
इनमें से छह योजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा, जिनकी कुल लागत लगभग 330.60 करोड़ रुपये है। इनमें पथ निर्माण विभाग की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा 157.16 करोड़ रुपये की लागत वाली 60 योजनाओं का उद्घाटन भी प्रस्तावित है।
अररिया के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री दोपहर करीब एक बजे किशनगंज जिले के ठाकुरगंज पहुंचेंगे। यहां कृषि फार्म परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित करने के साथ ही विकास और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। किशनगंज में 133 करोड़ रुपये की लागत से 73 योजनाओं का शिलान्यास और करीब 102 करोड़ रुपये की लागत वाली 49 योजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा।
विकास की दिशा में आगे बढ़ता बिहार: सम्राट चौधरी
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास के नए चरण की ओर बढ़ रहा है। उनके अनुसार राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का अनुभव और मार्गदर्शन राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
सुपौल और मधेपुरा में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाबद्ध विकास और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था के कारण आज राज्य के गांवों और प्रखंडों में सड़क, स्कूल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 1990 से 2005 के बीच राज्य में रोजगार के अवसर सीमित थे, जबकि 2005 से 2025 के बीच लगभग 57 लाख लोगों को सरकारी नौकरियां और रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। उनके अनुसार राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में भी प्रयास तेज किए जा रहे हैं। सेमीकंडक्टर फैक्ट्री, आईटी हब और नई औद्योगिक नीतियों के जरिए निवेश बढ़ने की संभावना है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
बिजली और बुनियादी सुविधाओं में बदलाव का दावा
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति में पिछले वर्षों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 से पहले ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर पांच घंटे भी नियमित बिजली उपलब्ध नहीं होती थी। वर्तमान में राज्य में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार 2005 में जहां बिजली उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 17 लाख थी, वहीं अब यह बढ़कर करीब 2 करोड़ 16 लाख हो गई है। राज्य सरकार की योजना के तहत 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है, जिससे लगभग 88 प्रतिशत परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है।



