CorruptionCase – आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व अधिकारी पर कसा शिकंजा
CorruptionCase – बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती दिख रही है। इसी कड़ी में आय से अधिक संपत्ति के मामले में किशनगंज के पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार से जुड़ी एक नई संपत्ति का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में उनके नाम से जुड़ी एक दो मंजिला इमारत की जानकारी मिली है, जिसे कथित तौर पर उनकी एक परिचित महिला के नाम पर पंजीकृत कराया गया था। इस जानकारी के सामने आने के बाद जांच और तेज कर दी गई है।

सिलीगुड़ी में मिली नई संपत्ति
जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, यह संपत्ति बागडोगरा क्षेत्र में स्थित है और इसका पंजीकरण जुलाई 2025 में कराया गया था। बताया जा रहा है कि मकान का स्वामित्व एक महिला के नाम पर दर्ज है, जो पूर्व अधिकारी की करीबी बताई जा रही है। इस संपत्ति के सामने आने के बाद संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है और पूर्व एसडीपीओ को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
पूछताछ के लिए फिर जारी हुआ नोटिस
आर्थिक अपराध इकाई ने गौतम कुमार को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित तिथि पर सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित हों। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में संपत्ति के स्रोत और निवेश से जुड़े पहलुओं को विस्तार से समझना जरूरी है। इसलिए उनसे दोबारा पूछताछ की जाएगी ताकि पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके।
दूसरे मामले में भी हुई लंबी पूछताछ
इसी तरह के एक अन्य मामले में सहरसा के पूर्व डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार से भी विस्तृत पूछताछ की गई है। पटना स्थित मुख्यालय में उनसे कई घंटों तक सवाल-जवाब हुआ। जांच के दौरान उनके पास पाई गई कई संपत्तियों, शैक्षणिक संस्थान और परिवार के नाम पर दर्ज ट्रस्ट से संबंधित जानकारी ली गई।
आय के स्रोत पर उठे सवाल
जांच एजेंसी ने वैभव कुमार और उनके परिजनों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों के स्रोत को लेकर कई सवाल किए। अधिकारियों ने यह जानने की कोशिश की कि इन संपत्तियों के लिए धन कहां से आया और क्या यह उनकी घोषित आय के अनुरूप है। पूछताछ के दौरान कुछ सवालों के जवाब तुरंत नहीं मिल पाए, जिसके बाद उन्हें अतिरिक्त समय दिया गया है।
दस्तावेजों की जांच जारी
अधिकारियों के अनुसार, संबंधित संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है। विभिन्न कार्यालयों से भी जानकारी मांगी गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निवेश और संपत्ति का विवरण सही है या नहीं। इसके अलावा, परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज परिसंपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
जांच में और खुलासों की संभावना
जांच एजेंसियों का मानना है कि जैसे-जैसे दस्तावेजों की जांच आगे बढ़ेगी, मामले में और तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल, दोनों मामलों में पूछताछ और दस्तावेजी जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।



