बिहार

IllegalLiquorCase – सारण में जहरीली शराब से पांच मौतों की पुष्टि, कार्रवाई तेज

IllegalLiquorCase – होली के बाद बिहार के सारण जिले में हुई पांच लोगों की संदिग्ध मौतों के मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पुष्टि हुई है कि इन मौतों का कारण जहरीली शराब थी। मंगलवार को मद्य निषेध एवं स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के एडीजी अमित कुमार जैन ने प्रेस वार्ता के दौरान इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतकों के पास से मिले रसायनों की जांच में मिथाइल अल्कोहल की मौजूदगी पाई गई है, जो आमतौर पर अवैध शराब बनाने में इस्तेमाल होता है।

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जांच रिपोर्ट में मिथाइल अल्कोहल की पुष्टि
अधिकारियों के अनुसार, सारण के मशरक और पानापुर क्षेत्रों में यह घटना सामने आई थी, जहां कुल पांच लोगों की जान गई। इनमें से दो शवों का पोस्टमार्टम कराया गया, जबकि तीन शवों का अंतिम संस्कार पहले ही कर दिया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और केमिकल एनालिसिस में मिथाइल अल्कोहल की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह रसायन शरीर के लिए अत्यंत विषैला होता है और इसकी थोड़ी मात्रा भी जानलेवा साबित हो सकती है।

मुख्य आरोपी समेत छह गिरफ्तार, कार्रवाई जारी
इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 10 लोगों को नामजद किया है। इनमें से मुख्य आरोपी सूरज महतो समेत छह अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एडीजी ने बताया कि मुख्य आरोपी को पकड़ने के दौरान मुठभेड़ की भी स्थिति बनी थी। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

बड़ी मात्रा में स्पिरिट बरामद, अवैध नेटवर्क पर नजर
घटना के बाद प्रशासन ने अवैध शराब के नेटवर्क पर सख्ती बढ़ा दी है। पानापुर क्षेत्र से अब तक करीब 1050 लीटर स्पिरिट और मशरक से 650 लीटर स्पिरिट जब्त की गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह स्पिरिट अवैध शराब निर्माण में इस्तेमाल की जा रही थी। इसके स्रोत और सप्लाई चैन की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके।

राज्य में शराब जब्ती के आंकड़ों में लगातार बढ़ोतरी
एडीजी अमित कुमार जैन ने बताया कि सितंबर 2025 में मद्य निषेध एवं स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के गठन के बाद से कार्रवाई में तेजी आई है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में हर महीने औसतन 9 प्रतिशत अधिक शराब जब्त की गई। वहीं 2026 में यह आंकड़ा और बढ़कर औसतन 18 प्रतिशत प्रति माह हो गया है। इससे स्पष्ट है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान को और मजबूत किया गया है।

राज्य के बाहर भी छापेमारी, अंतरराज्यीय गिरोह पर शिकंजा
बिहार के बाहर भी इस नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की गई है। वर्ष 2025 में कुल 38 छापेमारी अभियान चलाए गए, जिनमें झारखंड में 15, उत्तर प्रदेश में 17, छत्तीसगढ़ में चार और मध्य प्रदेश में दो छापे शामिल हैं। इन कार्रवाइयों के दौरान 55 वाहनों को भी जब्त किया गया। वर्ष 2026 में अब तक उत्तर प्रदेश और झारखंड में तीन छापेमारी की जा चुकी हैं, जिनमें करीब 25,997 लीटर अवैध शराब बरामद हुई है और पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रशासन की सख्ती और आगे की रणनीति
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और खुफिया तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। साथ ही, अवैध शराब के निर्माण और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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