बिहार

Jamui Gold Trader Robbery: जमुई में थाने के पास बेखौफ बदमाशों ने किया तांडव, व्यवसायी के खून से सन गई सड़क

Jamui Gold Trader Robbery: बिहार के जमुई जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने पुलिसिया इकबाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मलयपुर थाना क्षेत्र के आंजन पुल के पास, थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर नकाबपोश अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए एक स्वर्ण व्यवसायी को अपना शिकार बनाया। यह घटना (Jamui crime news) की उन कड़वी सच्चाइयों को बयां करती है, जहां अपराधी खाकी के खौफ से पूरी तरह मुक्त नजर आ रहे हैं। 50 लाख रुपये की इस बड़ी लूट ने पूरे शहर के व्यापारिक वर्ग को दहशत में डाल दिया है।

Jamui Gold Trader Robbery
Jamui Gold Trader Robbery

कोलकाता जाने की तैयारी और घात लगाए बैठे अपराधी

पीड़ित व्यवसायी की पहचान सदर थाना क्षेत्र के पुरानी बाजार निवासी विक्रम कुमार सोनी के रूप में हुई है। शुक्रवार की रात करीब 11 बजे विक्रम अपने घर से जमुई रेलवे स्टेशन के लिए निकले थे, जहां से उन्हें ट्रेन पकड़कर कोलकाता जाना था। लेकिन उन्हें इस बात का इल्म नहीं था कि (criminals chasing gold merchant) उनकी हर हरकत पर नजर रखे हुए हैं। जैसे ही वह आंजन पुल के समीप पहुंचे, बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया।

विरोध करने पर सिर पर प्रहार और लहूलुहान व्यवसायी

बदमाशों ने हथियार के बल पर विक्रम कुमार सोनी से रुपयों से भरा बैग छीनने की कोशिश की। जब व्यवसायी ने अपनी मेहनत की कमाई बचाने के लिए प्रतिरोध किया, तो अपराधियों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। बदमाशों ने (attack on businessman with weapon) करते हुए पिस्तौल के बट से उनके सिर पर जोरदार प्रहार किया। इस हमले में व्यवसायी का सिर फट गया और वह खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद बदमाश रुपयों भरा बैग लेकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए।

एसपी विश्वजीत दयाल ने खुद संभाली कमान

घटना की गंभीरता को देखते हुए जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल तुरंत एक्शन में आए। उन्होंने सदर अस्पताल पहुंचकर घायल व्यवसायी से मुलाकात की और (police investigation in robbery case) की बारीकियों को समझा। एसपी ने पुष्टि की कि व्यवसायी के बयान के अनुसार लूटी गई राशि लगभग 50 लाख रुपये है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अपराधियों को पहले से जानकारी थी कि व्यवसायी इतनी बड़ी रकम लेकर सफर करने वाला है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवालिया निशान

यह लूट कोई साधारण घटना नहीं है, क्योंकि घटनास्थल से थाना महज आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रात के वक्त जब पुलिस की गश्त सबसे ज्यादा सक्रिय होनी चाहिए, तब (security lapse near police station) का होना प्रशासनिक ढिलाई को दर्शाता है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों में इस बात को लेकर काफी आक्रोश है कि अगर थाने के पास ही लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो आम गलियों का क्या हाल होगा।

अपराधियों की धरपकड़ के लिए जिले में नाकेबंदी

वारदात को अंजाम देकर फरार हुए बदमाशों की तलाश में पुलिस ने जिले के तमाम निकास द्वारों पर नाकेबंदी कर दी है। वरीय पुलिस पदाधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है और (CCTV footage analysis Jamui) के जरिए संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि इस घटना में किसी करीबी या मुखबिर का हाथ हो सकता है जिसने अपराधियों को व्यवसायी के कोलकाता जाने के प्लान की सटीक जानकारी दी थी।

व्यापारियों में बढ़ता डर और आक्रोश

स्वर्ण व्यवसायियों के साथ होने वाली लूट की घटनाएं बिहार में रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। इस घटना के बाद जमुई के स्वर्ण व्यवसायी संघ ने सुरक्षा की मांग तेज कर दी है। (trader safety concerns Bihar) को लेकर व्यापारिक संगठनों का कहना है कि अगर जल्द ही लुटेरों की गिरफ्तारी नहीं हुई और राशि बरामद नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं उनके कारोबार को पूरी तरह तबाह कर रही हैं।

घायल व्यवसायी की हालत और अस्पताल का मंजर

सदर अस्पताल में भर्ती विक्रम कुमार सोनी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन सिर की चोट काफी गहरी है। अस्पताल परिसर में उनके परिजनों और शुभचिंतकों की भारी भीड़ जमा है। (medical treatment of victim) के दौरान व्यवसायी सदमे में दिखे। उन्होंने पुलिस को बताया कि बदमाशों ने चेहरा ढका हुआ था और वे बेहद पेशेवर तरीके से वारदात को अंजाम दे रहे थे, जिससे लगता है कि वे किसी संगठित गिरोह का हिस्सा हैं।

पुलिस की आगामी रणनीति और तकनीकी जांच

जमुई पुलिस अब डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम की मदद लेने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही व्यवसायी और उसके आसपास के संदिग्ध फोन कॉल्स की (call detail record investigation) भी निकाली जा रही है। एसपी ने भरोसा दिलाया है कि अपराधियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पुलिस टीम विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।

अपराध मुक्त बिहार के दावों की परीक्षा

हाल ही में डीजीपी द्वारा किए गए दावों के बीच यह डकैती सरकार और पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है। (crime rate in Bihar) को कम करने के प्रयासों को ऐसी घटनाएं सीधी टक्कर देती हैं। जमुई की यह 50 लाख की लूट न केवल एक आर्थिक नुकसान है, बल्कि यह कानून व्यवस्था के चेहरे पर एक गहरा घाव भी है, जिसे भरने के लिए पुलिस को त्वरित और ठोस परिणाम देने होंगे।

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