बिहार

Gaya Family Dispute Burn Case: गया में महज एक इंच जमीन के लिए सो रहे भाई-भाभी और मासूम को पेट्रोल डाल फूंका, रूह कपा देगी ये वारदात

Gaya Family Dispute Burn Case: बिहार के गया जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। बोधगया थाना क्षेत्र के अमवां गांव में संपत्ति के लालच में अपनों ने ही अपनों के खून की होली खेलने की कोशिश की। महज एक इंच जमीन के विवाद ने ऐसा हिंसक रूप लिया कि (Gaya Crime Report) के इतिहास में इसे एक काले अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। रविवार की सुबह जब पूरा गांव नींद के आगोश में था, तब एक घर के भीतर नफरत की आग सुलग रही थी, जिसने हंसते-खेलते परिवार को राख करने की कोशिश की।

Gaya Family Dispute Burn Case
Gaya Family Dispute Burn Case

आधी रात को कमरे में मौत का तांडव

शनिवार की रात जब रामसेवक शाह के बेटे राणाफुलेश्वर अपनी पत्नी और मासूम बच्चे के साथ सो रहे थे, तब उनके ही सगे रिश्तों ने मौत की साजिश रची। बताया जा रहा है कि संपत्ति बंटवारे को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। इसी (Land Property Conflict) की वजह से आरोपियों ने घर के भीतर सो रहे तीन लोगों पर पेट्रोल छिड़ककर उन्हें जिंदा जलाने का प्रयास किया। आग की लपटें उठते ही घर में चीख-पुकार मच गई, जिससे पूरा इलाका दहल उठा।

मासूम विष्णु और माता-पिता की हालत नाजुक

इस जघन्य अपराध में 35 वर्षीय राणाफुलेश्वर, उनकी 28 वर्षीय पत्नी नीलू कुमारी और उनका महज ढाई साल का बेटा विष्णु कुमार गंभीर रूप से झुलस गए हैं। लपटों ने मासूम बच्चे को भी नहीं बख्शा, जिसकी हालत देख अस्पताल कर्मियों की आंखें भी नम हो गईं। वर्तमान में (Critical Burn Injuries) के कारण तीनों का इलाज मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने की हरसंभव कोशिश कर रही है, लेकिन झुलसने का प्रतिशत अधिक होने के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

भसुर और जेठानी पर लगा साजिश का आरोप

अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही नीलू कुमारी ने अपने ही जेठ (भसुर) और जेठानी पर इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने का सीधा आरोप लगाया है। नीलू के अनुसार, केवल एक इंच जमीन की जिद्द में उनके (Family Dispute Violence) को इस हद तक बढ़ाया गया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाने लगी थी। शनिवार की रात साजिशन कमरे में प्रवेश कर पेट्रोल डाला गया और माचिस दिखा दी गई, जिससे पल भर में सब कुछ तबाही के मंजर में बदल गया।

दो भाइयों के बीच दरार और शिक्षक बेटों की कहानी

घायल राणाफुलेश्वर के पिता रामसेवक शाह ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए बताया कि उनके दोनों बेटे समाज में प्रतिष्ठित पद पर हैं और सरकारी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। शिक्षित होने के बावजूद संपत्ति के मोह ने बड़े बेटे मुकेश कुमार की बुद्धि पर पर्दा डाल दिया। पिता ने आरोप लगाया कि (Internal Family Conspiracy) के तहत मुकेश, उसकी पत्नी कुसुम देवी और साले पंकज कुमार ने मिलकर उनके छोटे बेटे के परिवार को खत्म करने की योजना बनाई थी।

अस्पताल पहुँचकर पुलिस ने दर्ज किए बयान

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए बोधगया थाना की पुलिस ने बिना समय गवाए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दस्तक दी। पुलिस ने पीड़ितों और उनके परिजनों का बयान दर्ज किया है ताकि कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। (Bihar Police Investigation) की टीम अब इस मामले में साक्ष्यों को इकट्ठा कर रही है। थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह ने आश्वासन दिया है कि यह एक गंभीर अपराध है और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

जमीन के विवाद में उजड़ते परिवारों की बढ़ती संख्या

बिहार में भूमि विवाद से जुड़ी हिंसा कोई नई बात नहीं है, लेकिन जिस तरह से एक मासूम बच्चे को इस विवाद की बलि चढ़ाने की कोशिश की गई, उसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। (Land Dispute Statistics) बताते हैं कि ग्रामीण इलाकों में आपसी समझ की कमी और कानूनी पेचीदगियों के कारण सगे भाई ही एक-दूसरे के जानी दुश्मन बन रहे हैं। अमवां गांव की यह घटना इसी कड़वी सच्चाई का एक नमूना है, जहाँ शिक्षा और संस्कार भी लालच के आगे हार गए।

ग्रामीणों की तत्परता से बची तीनों की जान

जिस समय कमरे में आग लगाई गई, अगर आसपास के ग्रामीण समय पर नहीं पहुँचते तो परिणाम और भी भयावह हो सकते थे। शोर सुनकर दौड़े पड़ोसियों ने अपनी जान पर खेलकर (Emergency Rescue Effort) के माध्यम से आग बुझाई और झुलसे हुए परिवार को बाहर निकाला। ग्रामीणों के बीच इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और वे आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

पीड़ित परिवार और ग्रामीण अब न्याय की गुहार लगा रहे हैं। रामसेवक शाह ने बोधगया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए अपने बड़े बेटे और बहु के लिए कड़ी सजा की मांग की है। पुलिस की (Legal Action Protocol) के तहत अब आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि भौतिक सुख और जमीन का एक टुकड़ा कभी भी मानवीय रिश्तों और मासूम जिंदगियों से बड़ा नहीं हो सकता।

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