LPG – युद्ध के बीच पटना में गैस सिलेंडर की कमी से बढ़ी चिंता
LPG – मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान पर हुए सैन्य हमलों के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने लगा है। इसका प्रभाव अब देश के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। बिहार की राजधानी पटना में एलपीजी गैस सिलेंडरों की उपलब्धता कम होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरेलू गैस की आपूर्ति में कमी और व्यावसायिक सिलेंडरों की डिलीवरी रुकने से घरों के साथ-साथ होटल और छोटे कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं।

व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित
बताया जा रहा है कि 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सात मार्च से बाधित है। इसका असर छोटे ढाबों, चाय दुकानों और बड़े होटलों तक पर पड़ रहा है। कई होटल संचालकों का कहना है कि उन्हें पुराने स्टॉक के सहारे काम चलाना पड़ रहा है।
कंकड़बाग इलाके में स्थित एक होटल के संचालक के अनुसार मंगलवार को उनके यहां व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो सकी। वहीं एक अन्य होटल व्यवसायी का कहना है कि फिलहाल स्टॉक में बचे सिलेंडरों से काम चलाया जा रहा है, लेकिन यदि आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो संचालन प्रभावित हो सकता है। कई छोटे होटल और रेस्त्रां मालिकों ने आशंका जताई है कि स्थिति लंबी खिंचने पर उन्हें अस्थायी रूप से दुकान बंद करनी पड़ सकती है।
घरेलू गैस की आपूर्ति में भी कमी
गैस एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति में लगभग 25 प्रतिशत तक कमी आई है। पहले जहां गैस बुकिंग के 24 घंटे के भीतर सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब लोगों को तीन से पांच दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है।
शहर के कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ देखी जा रही है। कई लोग शिकायत कर रहे हैं कि बुकिंग नंबर लगाना मुश्किल हो गया है या कॉल सेंटर से संपर्क नहीं हो पा रहा है। कुछ उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन के साथ एजेंसी कार्यालय पहुंचकर कर्मचारियों से ही बुकिंग कराने की कोशिश करते नजर आए।
गैस एजेंसियों पर बढ़ी भीड़
गर्दनीबाग और बहादुरपुर जैसे क्षेत्रों की गैस एजेंसियों में उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं। कई लोग यह शिकायत लेकर पहुंचे कि उनका बुकिंग नंबर नहीं लग रहा है, जबकि उनके घर का सिलेंडर लगभग खत्म हो चुका है।
कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि कंपनियों के टोल-फ्री नंबर पर कॉल करने पर भी कभी नेटवर्क समस्या तो कभी सेवा उपलब्ध न होने का संदेश मिलता है। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। कई उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।
छोटे कारोबारियों पर बढ़ा दबाव
गैस की कमी का असर छोटे कारोबारियों पर सबसे अधिक पड़ रहा है। सड़क किनारे चाय, अंडा और नाश्ते की दुकान चलाने वाले कई लोगों का कहना है कि सिलेंडर नहीं मिलने से उन्हें काम रोकना पड़ रहा है।
कुछ दुकानदारों के अनुसार पहले एक सिलेंडर करीब 1000 से 1200 रुपये में मिल जाता था, लेकिन अब अस्थायी व्यवस्था के तहत उन्हें लगभग 2200 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे छोटे कारोबार की लागत बढ़ गई है और कमाई पर असर पड़ रहा है।
प्रशासन ने जमाखोरी पर निगरानी बढ़ाई
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की संभावित कमी को देखते हुए जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखी जाए।
विशेष शाखा के अधिकारियों ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, इसलिए गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है। ऐसे में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
घरों में भी बढ़ी गैस बचाने की चिंता
शहर के कई परिवार अब गैस की बचत पर ध्यान देने लगे हैं। कुछ लोग खाना बनाने के तरीकों में बदलाव कर रहे हैं, जबकि कई घरों में वैकल्पिक साधनों जैसे इंडक्शन चूल्हे का उपयोग शुरू कर दिया गया है।
कई उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में रसोई चलाना मुश्किल हो सकता है। फिलहाल लोग गैस की बुकिंग और आपूर्ति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।



