Patna Mystery Case: पटना की सुबह जिसने पूरे शहर को सन्न कर दिया, अब डीएनए से खुलेगा खौफनाक राज…
Patna Mystery Case: रविवार की सुबह पटना के दीघा थाना क्षेत्र स्थित कुर्जी मोड़ पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस चेक पोस्ट के पास सड़क पर एक सात वर्षीय बच्चे का कटा हुआ पैर मिला। सुबह-सुबह यह दृश्य देखने वाले लोग सन्न रह गए। देखते ही देखते आसपास के इलाकों में खबर फैल गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। हर किसी के मन में एक ही सवाल था—आखिर यह (Patna Crime) है क्या और यहां तक कैसे पहुंचा?

भीड़, अफवाहें और डर का माहौल
जैसे-जैसे लोग जुटते गए, तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कोई इसे अपहरण से जोड़ रहा था, तो कोई हत्या या हादसे की आशंका जता रहा था। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के चेहरों पर डर साफ नजर आ रहा था। एक मासूम बच्चे से जुड़ी इस घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया और (Public Panic) की स्थिति बन गई।
पुलिस की त्वरित एंट्री और शुरुआती जांच
सूचना मिलते ही दीघा थानेदार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सबसे पहले क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया ताकि साक्ष्य प्रभावित न हों। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास मौजूद लोगों से प्राथमिक पूछताछ शुरू की। शुरुआती जांच में पुलिस ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया, लेकिन (Police Response) को गंभीर बताया।
एफएसएल टीम ने संभाला मोर्चा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम को बुलाया गया। एफएसएल टीम ने वैज्ञानिक तरीके से घटनास्थल की जांच की और जरूरी सैंपल एकत्र किए। सड़क, आसपास की मिट्टी और अन्य संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित किया गया। यह प्रक्रिया इसलिए अहम है ताकि आगे की जांच में (Forensic Evidence) निर्णायक भूमिका निभा सके।
डीएनए जांच के लिए पीएमसीएच भेजा गया पैर
बरामद किए गए पैर को तुरंत डीएनए जांच के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डीएनए रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह पैर किस बच्चे का है और क्या कोई मिसिंग केस इससे जुड़ा है। यही रिपोर्ट आगे की जांच की दिशा तय करेगी और (DNA Test) इस रहस्य से पर्दा उठाने में अहम साबित होगी।
कुत्ते द्वारा पैर लाने की चौंकाने वाली कहानी
स्थानीय लोगों ने पुलिस को एक हैरान कर देने वाली जानकारी दी। उनके अनुसार, शनिवार की शाम एक कुत्ता नदी की ओर से मानव पैर मुंह में दबाकर घूमता देखा गया था। इस बयान ने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया। सवाल यह उठने लगा कि क्या यह पैर किसी और जगह से बहकर आया या किसी अपराध को छिपाने की कोशिश हुई? यह पहलू (Shocking Clue) के तौर पर जांच के केंद्र में है।
सब्जी विक्रेता महिला का अहम बयान
एक सब्जी बेचने वाली महिला ने बताया कि कुत्ता सब्जी दुकान के पास पैर छोड़ गया था। डर और घबराहट में उसने डंडे से उसे हटाकर सड़क की ओर कर दिया। यह बयान पुलिस के लिए अहम है क्योंकि इससे पैर के मूवमेंट की शुरुआती टाइमलाइन तय करने में मदद मिल सकती है। महिला का बयान (Witness Statement) के रूप में दर्ज किया गया है।
सीसीटीवी कैमरों से सच की तलाश
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। कुर्जी मोड़ और आसपास की दुकानों, चेक पोस्ट और मुख्य सड़कों पर लगे कैमरों को खंगाला जा रहा है। उम्मीद है कि फुटेज से यह पता चल सकेगा कि पैर किस समय वहां पहुंचा और कोई संदिग्ध गतिविधि हुई या नहीं। यह तकनीकी जांच (CCTV Footage) पर काफी हद तक निर्भर है।
थानेदार का बयान और जांच की दिशा
दीघा थानेदार ने बताया कि रविवार सुबह करीब आठ बजे सूचना मिली थी। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है—चाहे वह हत्या हो, दुर्घटना या कोई अन्य आपराधिक घटना। आसपास के लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया गया है। फिलहाल (Case Investigation) शुरुआती दौर में है।
इलाके में दहशत और सवालों का सैलाब
इस घटना के बाद कुर्जी मोड़ और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। खासकर बच्चों के माता-पिता में डर और चिंता बढ़ गई है। लोग अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से कतरा रहे हैं। यह घटना सिर्फ एक रहस्य नहीं, बल्कि (Local Fear) का कारण भी बन चुकी है।
सच्चाई डीएनए रिपोर्ट के बाद ही
पुलिस ने साफ कहा है कि डीएनए रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजों के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी। तब तक किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना तय है कि यह मामला पटना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है और (Unsolved Mystery) के रूप में पूरे शहर की नजरें इस पर टिकी हैं।



