Bihar Pink Bus Service Expansion: नए साल पर बिहार की बेटियों को मिली नीतीश सरकार की बड़ी सौगात, अब सड़कों पर दौड़ेगी नारी शक्ति की शान
Bihar Pink Bus Service Expansion: बिहार में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में साल 2026 के आगमन के साथ ही एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने महिलाओं के सफर को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए (Public Transportation Safety) को प्राथमिकता देते हुए नालंदा जिले में विशेष पिंक बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। 1 जनवरी से नालंदा की सड़कों पर दो नई बसें नजर आएंगी, जो न केवल महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, बल्कि नारी शक्ति के आत्मनिर्भर होने का प्रतीक भी बनेंगी।

सफर होगा सुरक्षित और ड्राइवर भी होगी महिला
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस सेवा का मुख्य उद्देश्य छात्राओं, कामकाजी महिलाओं और घरेलू महिलाओं को एक ऐसा सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है जहां वे बिना किसी संकोच के यात्रा कर सकें। इस पहल की सबसे बड़ी खासियत (Empowering Female Drivers) का संकल्प है, जिसके तहत इन बसों की कमान पूरी तरह से महिला ड्राइवरों के हाथों में सौंपी जाएगी। इससे पहले पटना और मुजफ्फरपुर जैसे प्रमुख शहरों में इस सेवा को अपार सफलता मिल चुकी है, जिसने राज्य की परिवहन छवि को बदल दिया है।
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार करेंगे भव्य शुभारंभ
नालंदा में इस बहुप्रतीक्षित बस सेवा का उद्घाटन स्वयं बिहार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार करेंगे। विभाग ने अपनी योजना को विस्तार देते हुए बताया कि (Urban Mobility Solutions) के इस मिशन के तहत दूसरे चरण में राज्य भर में 110 से अधिक नई बसें चलाई जाएंगी। सरकार का मानना है कि महिलाओं के लिए समर्पित परिवहन व्यवस्था से न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी अधिक सक्रियता के साथ बाहर निकल सकेंगी।
महिला ड्राइवरों की नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू
पिंक बस सेवा को सुचारू रूप से चलाने के लिए अब जिला परिवहन कार्यालयों (DTO) में महिला ड्राइवरों की भर्ती के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। परिवहन विभाग इन (Professional Driving Skills) में रुचि रखने वाली महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान करेगा ताकि वे भारी वाहनों को चलाने में पूरी तरह निपुण हो सकें। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में ये बसें पूरी तरह से आत्मनिर्भर महिला चालक दल द्वारा ही संचालित हों, जिससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए।
जीविका दीदियों को भी मिलेगा रोजगार का अवसर
बिहार सरकार ने इस योजना में जीविका दीदियों को भी शामिल करने का दूरगामी निर्णय लिया है। पिछले दिनों सरकार द्वारा (Vocational Training Programs) के तहत इच्छुक महिलाओं से आवेदन मांगे गए थे ताकि उन्हें ड्राइविंग और कंडक्टिंग का प्रशिक्षण दिया जा सके। शुरुआत में महिला ड्राइवरों की कमी के कारण कुछ बसों में पुरुष चालकों को तैनात करना पड़ा था, लेकिन अब सरकार मिशन मोड में महिला कार्यबल तैयार कर रही है ताकि हर पिंक बस में ‘लेडी बॉस’ का राज हो।
मार्च 2026 तक पूरा होगा शत-प्रतिशत महिला स्टाफ का लक्ष्य
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने एक बड़ा विजन साझा करते हुए कहा है कि मार्च 2026 तक बिहार की हर पिंक बस में केवल महिला ड्राइवर और कंडक्टर ही तैनात रहेंगी। इस (Gender Equality in Transport) के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ट्रेनिंग सेंटर्स को एक्टिव कर दिया गया है। सरकार की कोशिश है कि बस के भीतर का माहौल पूरी तरह से महिलाओं के अनुकूल हो, जिससे सफर के दौरान होने वाली छेड़खानी या असुरक्षा की घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके।
सुरक्षित यात्रा से बढ़ेगा छात्राओं का मनोबल
शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही छात्राओं के लिए यह बस सेवा किसी वरदान से कम नहीं है। अक्सर कॉलेज या कोचिंग जाते समय लड़कियों को (Safety Awareness for Women) की चिंता रहती है, जिसे यह पिंक बस सेवा काफी हद तक दूर करेगी। भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया जैसे जिलों के बाद अब नालंदा की बेटियां भी बिना किसी डर के अपने सपनों की उड़ान भर सकेंगी और समय पर अपनी मंजिलों तक पहुंच सकेंगी।
नए बिहार की नई पहचान बनी पिंक बस
नीतीश सरकार की यह पिंक बस सेवा अब राज्य की एक नई पहचान बनती जा रही है। घरेलू महिलाओं से लेकर दफ्तर जाने वाली महिलाओं तक, सभी ने (Inclusive Growth Models) की इस पहल की सराहना की है। जैसे-जैसे जिलों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे बिहार की परिवहन व्यवस्था आधुनिक और महिला-मित्र होती जा रही है। 1 जनवरी से नालंदा की सड़कों पर बजने वाला पिंक बस का हॉर्न बिहार में बदलते सामाजिक परिवेश की एक नई गूंज होगा।