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BankStrike – एसबीआई कर्मचारियों की हड़ताल से सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित

BankStrike – देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक यानी SBI के ग्राहकों के लिए आने वाले कुछ दिन महत्वपूर्ण हो सकते हैं। बैंक कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मई के अंतिम सप्ताह में राष्ट्रव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। यदि यह हड़ताल तय कार्यक्रम के अनुसार होती है, तो बैंक शाखाओं में कामकाज कई दिनों तक प्रभावित रह सकता है।

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जानकारी के मुताबिक, SBI कर्मचारियों का संगठन ऑल इंडिया स्टेट बैंक स्टाफ फेडरेशन 25 मई से दो दिवसीय हड़ताल पर जाने की तैयारी में है। चूंकि हड़ताल से पहले चौथा शनिवार और रविवार भी पड़ रहा है, इसलिए ग्राहकों को लगातार कई दिनों तक शाखा सेवाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

ऑनलाइन सेवाएं जारी रहने की संभावना

हालांकि बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, डिजिटल सेवाओं को सामान्य बनाए रखने की कोशिश की जाएगी। UPI, इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी सुविधाएं जारी रहने की संभावना है। इसके बावजूद शाखा स्तर पर नकद जमा, चेक क्लियरेंस और अन्य प्रत्यक्ष सेवाओं में असर देखने को मिल सकता है।

इसके अलावा हड़ताल समाप्त होने के बाद 27 मई को कई राज्यों में ईद-अल-अजहा के कारण सार्वजनिक अवकाश भी रहेगा। ऐसे में लगातार छुट्टियों और संभावित हड़ताल के कारण ग्राहकों को पहले से जरूरी बैंकिंग कार्य निपटाने की सलाह दी जा रही है।

कर्मचारियों की क्या हैं प्रमुख मांगें

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बैंक में लंबे समय से कई पद खाली पड़े हैं। संगठन ने संदेशवाहक और सशस्त्र गार्ड जैसे पदों पर नई नियुक्तियों की मांग की है। साथ ही कर्मचारियों ने यह भी कहा है कि स्थायी कार्यों में आउटसोर्सिंग कम की जानी चाहिए।

कर्मचारी संगठनों का दावा है कि जरूरत से ज्यादा आउटसोर्सिंग से डेटा सुरक्षा और ग्राहकों की निजी जानकारी पर खतरा बढ़ सकता है। उनका कहना है कि इससे बैंक की विश्वसनीयता और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा एनपीएस से जुड़े कर्मचारियों को पेंशन फंड मैनेजर चुनने का विकल्प देने की मांग भी की गई है।

बोर्ड में प्रतिनिधित्व की भी उठी मांग

कर्मचारी संगठनों ने बैंक के बोर्ड में कर्मचारी निदेशक की नियुक्ति की मांग भी दोहराई है। उनका कहना है कि कर्मचारियों से जुड़े फैसलों में प्रतिनिधित्व जरूरी है। इस बीच श्रम विभाग की ओर से 23 मई को प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच सुलह बैठक प्रस्तावित की गई है।

माना जा रहा है कि इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी ताकि हड़ताल टाली जा सके। फिलहाल बैंक प्रबंधन की ओर से इस पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अधिकारी संगठन ने भी दिया समर्थन

इस आंदोलन को ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन यानी AIBOA का भी समर्थन मिल गया है। संगठन ने कहा है कि कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन उचित है और बैंक प्रबंधन को इस दिशा में गंभीरता दिखानी चाहिए।

संगठन के प्रतिनिधियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया, करियर प्रोग्रेशन, HRMS से जुड़े मुद्दे और पेंशन से संबंधित मामलों पर लंबे समय से निर्णय लंबित हैं। उनका आरोप है कि कई दौर की बातचीत के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया, जिसके कारण कर्मचारियों ने विरोध का रास्ता चुना है।

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