StrayDogAttack – मुजफ्फरपुर में आवारा कुत्ते के सिर पर सवार हुआ शैतान, 2 घंटे में 24 घायल…
StrayDogAttack – बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में मंगलवार शाम अचानक फैली अफरातफरी ने लोगों को दहशत में डाल दिया। शहर के आश्रमघाट से लेकर पंकज मार्केट इलाके तक एक आवारा कुत्ते ने करीब दो घंटे तक उत्पात मचाया और इस दौरान दो दर्जन से अधिक लोगों को काट लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुत्ता बेहद आक्रामक हो गया था और रास्ते में जो भी उसके सामने आया, उसे निशाना बनाता चला गया। अचानक हुए इस हमले से स्थानीय लोग संभल नहीं पाए और पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया।

आश्रमघाट से शुरू हुआ हमला
घटना की शुरुआत आश्रमघाट इलाके से हुई, जहां शाम के समय लोग रोजमर्रा की गतिविधियों में व्यस्त थे। बताया गया कि कुत्ते ने पहले कुछ राहगीरों पर झपट्टा मारा। देखते ही देखते वह महिला समेत 12 से 15 लोगों को काट चुका था। लोगों ने उसे भगाने की कोशिश की, लेकिन वह और उग्र हो गया। बच्चों को तुरंत घरों के भीतर ले जाया गया और दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। कुछ लोगों ने डंडों और लाठियों से उसे खदेड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद वह वहां से भाग निकला।
पंकज मार्केट तक फैली दहशत
आश्रमघाट से भागता हुआ कुत्ता पंकज मार्केट की ओर बढ़ गया। रास्ते में भी वह कई लोगों पर हमला करता रहा। बाजार क्षेत्र में पहुंचते ही फिर से अफरातफरी मच गई। खरीदारी कर रहे लोग इधर-उधर भागने लगे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि स्थिति इतनी अचानक बनी कि किसी को समझ नहीं आया कि क्या किया जाए। कुछ लोग घायल अवस्था में वहीं बैठ गए, जबकि अन्य ने घायलों को पास के अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
नगर निगम की टीम की कार्रवाई
स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय लोगों ने तत्काल नगर निगम को सूचना दी। डॉग कैचिंग टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद कुत्ते को जाल में फंसाकर पकड़ लिया। टीम उसे वाहन में रखकर ले जाने की तैयारी कर रही थी, तभी कुत्ता अचानक उछलकर नीचे आ गया। इस दौरान उसने फिर कुछ लोगों को काट लिया। इससे वहां मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया। बाद में आत्मरक्षा में कुछ लोगों ने उस पर ईंट-पत्थर चला दिए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
इलाज के दौरान कुत्ते की मौत
नगर निगम की टीम घायल अवस्था में कुत्ते को अपने साथ ले गई। अधिकारियों के अनुसार, बाद में उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन घायलों और उनके परिवारों में चिंता बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एहतियातन सभी घायलों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
स्थानीय वार्ड पार्षद पूनम देवी ने कहा कि इलाके में आवारा कुत्तों की समस्या नई नहीं है। कई बार नगर निगम को शिकायत दी गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद इतनी बड़ी घटना टल सकती थी। उन्होंने निगम प्रशासन से नियमित निगरानी और विशेष अभियान चलाने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
शहर में बढ़ती आवारा पशुओं की चुनौती
यह घटना शहर में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या की ओर भी इशारा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कुत्तों के आक्रामक होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें बीमारी, डर या भूख शामिल हैं। ऐसे मामलों में समय पर पकड़ने और चिकित्सकीय जांच की व्यवस्था जरूरी होती है। फिलहाल प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त निगरानी का आश्वासन दिया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।



