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AviationStocks – सरकारी गारंटी योजना से एयरलाइन शेयरों में आई तेजी

AviationStocks – केंद्र सरकार की नई क्रेडिट गारंटी योजना की घोषणा के बाद विमानन क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेज खरीदारी देखने को मिली। खासतौर पर इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन और स्पाइसजेट के शेयरों में कारोबार के दौरान अच्छी बढ़त दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की इस योजना से एयरलाइन कंपनियों को वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।

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सरकार ने हाल ही में बड़ी क्रेडिट गारंटी व्यवस्था को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में कंपनियों को अतिरिक्त ऋण सुविधा उपलब्ध कराना है। विमानन उद्योग भी इस योजना के दायरे में शामिल है। ऐसे समय में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब वैश्विक आर्थिक दबाव और ईंधन लागत जैसे मुद्दे एयरलाइन कंपनियों को प्रभावित कर रहे हैं।

इंडिगो के शेयरों में दिखी मजबूत बढ़त

घोषणा के बाद इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी देखी गई। कंपनी का स्टॉक बढ़त के साथ खुला और कुछ ही समय में दिन के ऊंचे स्तर तक पहुंच गया। बाजार में सकारात्मक माहौल के चलते निवेशकों ने एयरलाइन सेक्टर के शेयरों में रुचि दिखाई।

विश्लेषकों के अनुसार, इंडिगो घरेलू विमानन बाजार की प्रमुख कंपनियों में शामिल है और वित्तीय स्थिरता के मामले में भी अपेक्षाकृत मजबूत मानी जाती है। ऐसे में सरकारी समर्थन से जुड़े संकेतों का असर उसके शेयरों पर तेजी के रूप में दिखाई दिया।

स्पाइसजेट में लगा अपर सर्किट

स्पाइसजेट के शेयरों में भी कारोबार के दौरान जबरदस्त उछाल देखने को मिला। निवेशकों की भारी खरीदारी के चलते स्टॉक अपर सर्किट तक पहुंच गया। कंपनी लंबे समय से वित्तीय दबाव और परिचालन चुनौतियों का सामना कर रही है, इसलिए सरकारी सहायता से जुड़ी खबर ने बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया पैदा की।

बाजार जानकारों का कहना है कि अगर एयरलाइन कंपनियों को अतिरिक्त वित्तीय समर्थन मिलता है तो इससे उनके परिचालन खर्च और नकदी प्रबंधन में राहत मिल सकती है। इसी उम्मीद में निवेशकों ने स्पाइसजेट के शेयरों में तेजी से खरीदारी की।

क्या है सरकार की नई योजना

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत बड़े स्तर पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। योजना का उद्देश्य MSME और विमानन क्षेत्र सहित कई उद्योगों को वित्तीय सहायता देना है। सरकार इसके लिए गारंटी समर्थन भी प्रदान करेगी ताकि बैंक और वित्तीय संस्थान अधिक आसानी से ऋण उपलब्ध करा सकें।

जानकारी के अनुसार, योजना में विमानन क्षेत्र के लिए अलग से धनराशि निर्धारित की गई है। नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड इस प्रक्रिया में गारंटी कवर उपलब्ध कराएगी। इससे योग्य कंपनियों को अतिरिक्त फंडिंग मिलने का रास्ता आसान हो सकता है।

कोविड काल की योजना से की जा रही तुलना

विशेषज्ञ इस योजना की तुलना कोविड-19 महामारी के दौरान लागू की गई इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम से कर रहे हैं। उस समय MSME और अन्य प्रभावित क्षेत्रों को बिना अतिरिक्त गारंटी के ऋण सुविधा दी गई थी। माना जा रहा है कि नई योजना भी संकटग्रस्त क्षेत्रों को राहत देने की दिशा में काम करेगी।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक तनाव, ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े जोखिमों का असर भारतीय उद्योगों पर कम पड़े। खासकर एविएशन सेक्टर, जो ईंधन कीमतों और अंतरराष्ट्रीय हालात से सीधे प्रभावित होता है, उसके लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।

वैश्विक परिस्थितियों का भी असर

हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े तनाव और ऊर्जा बाजार में अस्थिरता ने कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है। भारत जैसे देश, जो ऊर्जा आयात पर काफी हद तक निर्भर हैं, वहां एयरलाइन कंपनियों की लागत पर इसका सीधा असर पड़ता है।

ऐसे में सरकार की यह पहल उद्योगों को स्थिरता देने और रोजगार पर असर कम करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। आने वाले समय में इस योजना के क्रियान्वयन और उससे मिलने वाले वास्तविक लाभ पर बाजार की नजर बनी रहेगी।

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