Gold Prices – वैश्विक संकेतों के बीच सोना-चांदी में तेज गिरावट दर्ज
Gold Prices – मध्य पूर्व में तनाव कम होने के संकेतों के बीच मंगलवार को सोना और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग कमजोर पड़ने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजार दोनों में गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में सबसे बड़ी गिरावट रही, जबकि सोना भी दबाव में रहा।

घरेलू बाजार में कीमतों में तेज गिरावट
एमसीएक्स पर चांदी की कीमतों में करीब 4.21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 9,474 रुपये टूटकर 2,15,693 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। वहीं सोने की कीमतों में भी कमजोरी रही और यह 1.77 प्रतिशत यानी 2,460 रुपये गिरकर 1,36,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह गिरावट दर्शाती है कि निवेशकों का रुझान फिलहाल सुरक्षित परिसंपत्तियों से हट रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर साफ
वैश्विक बाजारों में भी इसी तरह का रुख देखने को मिला। सिंगापुर में हाजिर सोना लगभग 1.5 प्रतिशत गिरकर 4,340 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। चांदी की कीमतों में भी करीब 3.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह 66 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार करती रही। प्लैटिनम और पैलेडियम जैसे अन्य कीमती धातुओं में भी कमजोरी देखी गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि व्यापक स्तर पर धातु बाजार दबाव में है।
मार्च में ऐतिहासिक गिरावट का दौर
मार्च 2026 सोना और चांदी के लिए बेहद कमजोर महीना साबित हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस महीने अब तक दोनों धातुओं की कीमतों में 20 प्रतिशत से अधिक गिरावट आ चुकी है, जो कई दशकों में सबसे बड़ी गिरावटों में गिनी जा रही है। इस गिरावट के चलते बाजार अब ‘बेयर फेज’ में प्रवेश करता दिख रहा है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
लगातार चौथे सप्ताह गिरावट जारी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में लगातार चौथे सप्ताह गिरावट बनी हुई है। इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है, जहां मार्च के दौरान कीमतों में लगभग 12 से 17 प्रतिशत तक की कमी देखी गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों का भरोसा कमजोर होने के कारण बिकवाली का दबाव लगातार बना हुआ है।
रिकॉर्ड स्तर से नीचे खिसकी कीमतें
हाल ही में ऊंचे स्तर को छूने के बाद सोने की कीमतों में करीब 20 से 25 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है। चांदी की स्थिति इससे भी ज्यादा कमजोर रही है, जहां गिरावट अधिक तेज रही। यह संकेत देता है कि बाजार में तेज बढ़त के बाद अब स्वाभाविक सुधार का दौर चल रहा है।
गिरावट के पीछे वैश्विक कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत अमेरिकी डॉलर इस गिरावट का एक प्रमुख कारण है। डॉलर मजबूत होने से अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और महंगाई की चिंताओं के चलते केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रख सकते हैं। ऊंची ब्याज दरें सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश विकल्पों को कम आकर्षक बना देती हैं।
सेफ हेवन की धारणा पर असर
आमतौर पर वैश्विक अनिश्चितता के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार स्थिति अलग दिख रही है। मध्य पूर्व में तनाव के बावजूद सोना अपनी पारंपरिक मजबूती नहीं दिखा पाया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि उच्च बॉन्ड यील्ड और मजबूत डॉलर ने सोने की ‘सेफ हेवन’ छवि को कमजोर किया है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
मौजूदा परिस्थितियों में बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है। जानकारों का मानना है कि अल्पकाल में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह गिरावट अवसर भी बन सकती है। हालांकि निवेश करते समय सावधानी बरतना और चरणबद्ध निवेश रणनीति अपनाना बेहतर माना जा रहा है।



