GoldPrice – चार दिन की गिरावट के बाद सोना-चांदी में तेज वापसी
GoldPrice – अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सर्राफा बाजारों में कई दिनों की सुस्ती के बाद मंगलवार, 3 फरवरी को सोने और चांदी में स्पष्ट पलटाव देखने को मिला। लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद दोनों कीमती धातुओं में खरीदारी लौटी, जिससे वैश्विक स्पॉट बाजार से लेकर भारतीय बुलियन मार्केट तक में हलचल बढ़ गई। स्पॉट गोल्ड लगभग 4 प्रतिशत मजबूत होकर करीब 4,830 डॉलर प्रति आउंस पर पहुंच गया, जबकि स्पॉट सिल्वर में करीब 8 प्रतिशत की छलांग लगी और यह 82.74 डॉलर प्रति आउंस के स्तर तक आ गई। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, तेज गिरावट के बाद यह तकनीकी रिकवरी और ताजा खरीदारी का मिला-जुला असर है।

वैश्विक रुझानों में अचानक मोड़
पिछले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारी बिकवाली के कारण सोने-चांदी पर दबाव बना हुआ था, लेकिन मंगलवार को धारणा बदली। कमजोर स्तरों पर निवेशकों की रुचि बढ़ी और अल्पकालिक ट्रेडर्स ने शॉर्ट कवरिंग की। इसी वजह से स्पॉट गोल्ड और सिल्वर दोनों में उल्लेखनीय तेजी दिखी। बाजार सहभागियों का कहना है कि डॉलर में हल्की नरमी और कुछ सुरक्षित निवेश की मांग लौटने से भी कीमतों को सहारा मिला।
30 जनवरी का बड़ा झटका और मुनाफावसूली
इस उछाल से पहले सोने में लगातार मुनाफावसूली देखने को मिल रही थी। 30 जनवरी 2026 को गोल्ड की कीमत लगभग 10 प्रतिशत तक फिसल गई थी, जिसके बाद स्पॉट गोल्ड 5,000 डॉलर प्रति आउंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया था। चांदी पर इसका असर और भी तीखा पड़ा—उसी दिन इसके भाव करीब 27 प्रतिशत गिर गए थे। जानकारों के मुताबिक, ऊंचे स्तरों पर बड़े निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू किया था, जिससे गिरावट तेज हो गई।
पिछले दो सत्रों की असामान्य गिरावट
मंगलवार की रिकवरी से पहले के दो कारोबारी दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 13 प्रतिशत और चांदी की लगभग 34 प्रतिशत टूट चुकी थी। इतनी तेज गिरावट कम समय में कम देखने को मिलती है। ट्रेडर्स के अनुसार, मजबूत डॉलर, ऊंची ब्याज दरों की आशंका और जोखिमपूर्ण परिसंपत्तियों की ओर झुकाव ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया।
घरेलू सर्राफा बाजार: सोमवार का परिदृश्य
अंतरराष्ट्रीय कमजोरी का असर सोमवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में साफ दिखा। चांदी लगातार तीसरे दिन बड़ी गिरावट के साथ 52,000 रुपये टूटकर 2.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। इसी तरह सोना भी कमजोर होकर 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। व्यापारियों ने बताया कि वैश्विक रुझानों के साथ-साथ डॉलर की मजबूती ने घरेलू कीमतों को नीचे खींचा।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को चांदी लगभग 17 प्रतिशत यानी 52,000 रुपये गिरकर 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम (कर सहित) पर बंद हुई। इससे पहले शनिवार को भी यह 19 प्रतिशत या 72,500 रुपये लुढ़ककर 3.12 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई थी।
चांदी में ऐतिहासिक उतार-चढ़ाव
पिछले तीन सत्रों में चांदी की कुल गिरावट करीब 1,44,500 रुपये प्रति किलोग्राम रही, जो लगभग 36 प्रतिशत बैठती है। यह गिरावट उस स्तर से आई, जो 29 जनवरी को 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम के रूप में दर्ज हुआ था—यह चांदी का अब तक का सबसे ऊंचा भाव था। इतनी ऊंचाई से तेज गिरावट ने छोटे निवेशकों को चौंकाया, जबकि बड़े ट्रेडर्स ने इसे सुधार का स्वाभाविक चरण बताया।
आगे क्या संकेत मिल रहे हैं
बाजार फिलहाल बेहद अस्थिर बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में डॉलर की चाल, वैश्विक ब्याज दरों की दिशा और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता तय करेगी कि सोना-चांदी किस ओर जाएंगे। हालांकि मंगलवार की तेजी ने यह दिखा दिया कि निचले स्तरों पर मांग अब भी मौजूद है, खासकर दीर्घकालिक निवेशकों के बीच।



